घनश्याम तिवाड़ी का बयान: गहलोत और पूरी कांग्रेस हुई अर्ध मूर्छित
भाजपा नेता घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सदन की चर्चा को मूर्खतापूर्ण बताने पर माफी की मांग की और भजनलाल सरकार के दो वर्ष का लेखा-जोखा रखा।

सदन और जनता का अपमान
घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि "गहलोत का यह बयान सदन, कार्य सलाहकार समिति तथा प्रदेश की 8 करोड़ जनता का अपमान है।" तिवाड़ी ने बताया कि 16 फरवरी को कार्य सलाहकार समिति की बैठक में “सरकार @ 2 वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024—25—2026” प्रतिवेदन पर चर्चा के लिए 21 फरवरी का दिन निर्धारित किया गया था। इसके बावजूद गहलोत ने सदन में अपनी बात रखने के बजाय सदन के बाहर आकर इस चर्चा को मूर्खतापूर्ण बताया, जो उनकी गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार का बयान सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। ऐसा प्रतीत होता है कि गहलोत अर्ध मूर्छित अवस्था में आ गए। गहलोत ही नहीं, संपूर्ण कांग्रेस अर्ध मूर्छित हो गई। गहलोत को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
संसदीय परंपराओं के विरुद्ध आचरण
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जब गहलोत विपक्ष में होते हैं तो सदन में चर्चा से बचते हैं और बाहर आकर बयानबाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि "गहलोत ने विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति द्वारा तय चर्चा को ही मजाक बता दिया, जो संसदीय परंपराओं के विरुद्ध है।"
भजनलाल सरकार की जवाबदेही
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल का लेखा-जोखा सदन में प्रस्तुत कर जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभाई है।
- सरकार ने पहले अपने कार्यों की समीक्षा की।
- पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल का भी तुलनात्मक विवरण सामने रखा।
- इससे कांग्रेस की वास्तविकता उजागर हुई है।
- इससे ही गहलोत और विपक्ष को मिर्ची लगी और वे सदन में चर्चा से बचते नजर आ रहे हैं।
अपराध में कमी और कांग्रेस की विफलताएं
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में अपराध दर में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गहलोत सरकार का रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं रहा। पूर्ववर्ती सरकार के समय निम्नलिखित गंभीर मुद्दे सामने आए:
- महिला अपराध और गैंगरेप।
- पेपर लीक और जेजेएम में भ्रष्टाचार।
- ईआरसीपी और यमुना जल समझौते जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में विलंब।
उन्होंने कहा कि "यदि 19 में से 18 कॉलेज कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत हुए थे, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि उन पर धरातल पर कार्य किस सरकार ने किया।"
भ्रामक बयानों पर तीखा प्रहार
तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने अपने अंतिम वर्ष 2023—24 में 1426 घोषणाएं कीं, जिनमें से 1142 पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। तिवाड़ी ने कहा कि "गहलोत को सदन के बाहर मीडिया में भ्रामक बयान देने के बजाय सदन में अपनी बात रखनी चाहिए तथा सदन और प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।"
प्रभारी, भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग

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