GeM पोर्टल प्रशिक्षण: सहकारी समितियों में खरीद प्रक्रिया अब होगी और भी पारदर्शी
जयपुर में आयोजित प्रशिक्षण में विशेषज्ञ अनंत ठुकराल ने कार्मिकों को 50 हजार से 10 लाख से अधिक की राशि की कैशलेस और पेपरलेस खरीद के तकनीकी चरणों की जानकारी दी।

जयपुर। राजस्थान की सहकारी समितियों में खरीद प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहकारी समितियों के कार्मिकों को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल की बारीकियों से रूबरू कराया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी खरीद में तकनीक का समावेश कर प्रक्रिया को सुगम बनाना रहा, जिसमें विशेषज्ञ श्री अनंत ठुकराल ने पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीद प्रक्रिया की विस्तृत और तकनीकी जानकारी साझा की।
विशेषज्ञ श्री अनंत ठुकराल ने सत्र को संबोधित करते हुए रेखांकित किया कि भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित जेम (GeM) पोर्टल वर्तमान में देश की सरकारी खरीद प्रणाली का एक अपरिहार्य और महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। वर्ष 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से ही यह पोर्टल सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद हेतु एक 'वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म' के रूप में उभरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूर्णतः कैशलेस और पेपरलेस प्लेटफॉर्म है, जिसने न केवल बिचौलियों के वर्चस्व को समाप्त किया है, बल्कि सरकारी धन की भारी बचत सुनिश्चित कर व्यवस्था में जवाबदेही तय की है।
खरीद की विधाओं पर प्रकाश डालते हुए श्री ठुकराल ने बताया कि पोर्टल पर तीन श्रेणियों में खरीद संपन्न की जा सकती है। प्रथम श्रेणी के तहत 50 हजार रुपये तक की वस्तुओं या सेवाओं की 'सीधे खरीद' (Direct Purchase) की अनुमति है। द्वितीय श्रेणी में 50 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक की खरीद के लिए कम से कम तीन फर्मों से प्रस्ताव प्राप्त कर उनका तुलनात्मक विवरण तैयार करना अनिवार्य है। तृतीय और सबसे महत्वपूर्ण श्रेणी में 10 लाख रुपये से अधिक की राशि होने पर अनिवार्य रूप से 'बिड प्रक्रिया' (E-Bidding) अपनाई जाती है। प्रशिक्षण के दौरान खरीदार की विशिष्ट भूमिका, विक्रेताओं को मिलने वाले लाभ और पोर्टल पर पंजीकरण के विभिन्न चरणों को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया।
इस महत्वपूर्ण डिजिटल प्रशिक्षण सत्र में राज्य के सभी जिलों के जेम पोर्टल नोडल अधिकारियों सहित विभिन्न क्रय-विक्रय सहकारी समितियों एवं सहकारी उपभोक्ता भंडारों के कार्मिकों ने वीसी के माध्यम से सक्रिय सहभागिता की। यह आयोजन सहकारी ढांचे के भीतर तकनीकी दक्षता लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे भविष्य में समितियों की कार्यप्रणाली अधिक संगठित और वैश्विक मानकों के अनुरूप हो सकेगी।

