राजस्थान सरकार की कर चोरी के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अनुपालन में वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन शाखा-प्रथम ने सवाई माधोपुर जिले के गंगापुर सिटी में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुख्य आयुक्त के दिशा-निर्देशों पर विभाग ने शहर के दो प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों पर एक साथ औचक निरीक्षण किया। ये संस्थान लंबे समय से विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ IIT, NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रहे थे, लेकिन विद्यार्थियों से वसूल किए जाने वाले भारी-भरकम शुल्क पर GST का भुगतान नहीं कर रहे थे।

विभागीय जांच में सामने आया कि ये संस्थान पिछले छह से सात वर्षों से इस व्यवसाय में संलग्न थे और विद्यार्थियों से कोचिंग का शुल्क मुख्य रूप से नकद राशि में प्राप्त कर रहे थे। विभाग ने अपने मानवीय सूचना तंत्र (ह्यूमन इंटेलिजेंस) को सक्रिय करते हुए इन संस्थानों की कार्यप्रणाली पर बारीक नजर रखी और विभागीय पोर्टल पर दर्ज कर अदायगी का सूक्ष्म परीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कोचिंग परिसरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। वर्तमान में इन दस्तावेजों और छात्रों से ली गई शुल्क राशि का गहन विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि कर चोरी की कुल राशि का सटीक आकलन किया जा सके। यह कार्रवाई राज्य में कर चोरों के विरुद्ध चल रहे अभियान का हिस्सा है, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।

Next Story