राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. गजानन हरिभाऊ सर्वज्ञ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय और हिंदी साहित्य का गौरव बढ़ाया है। भूटान की राजधानी थिंपू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्हें प्रतिष्ठित ‘साहित्य संचय हिंदी गौरव सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने भारत और भूटान के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों पर आधारित अपना शोध आलेख भी प्रस्तुत किया।

यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 24-25 अक्टूबर 2026 को रॉयल थिंपू कॉलेज, थिंपू (भूटान) में ‘साहित्य संचय शोध संवाद फाउंडेशन, दिल्ली’ के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अतुलनीय योगदान के लिए डॉ. गजानन सर्वज्ञ को यह सम्मान प्रदान किया गया।

संगोष्ठी के दौरान डॉ. सर्वज्ञ ने "सांस्कृतिक सौहार्द का दस्तावेज: डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' का यात्रा-वृत्तांत 'खुशियों का देश भूटान'" विषय पर अपना शोध आलेख प्रस्तुत किया। अपने वक्तव्य और पत्र-वाचन के माध्यम से उन्होंने भारत और भूटान के बीच सदियों पुराने आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, रणनीतिक और आत्मीय संबंधों को रेखांकित किया।

उन्होंने अपने शोध में भूटान की 'सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता' (Gross National Happiness) की अवधारणा, पर्यावरण संरक्षण नीतियों और बौद्ध दर्शन का प्रमुखता से विश्लेषण किया। इसके साथ ही छायावादी कवि सुमित्रानंदन पंत एवं राहुल सांकृत्यायन के चिंतन को भी अपने आलेख में स्थान दिया।

डॉ. गजानन सर्वज्ञ की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

डॉ. सर्वज्ञ को मिले इस सम्मान को विश्वविद्यालय के शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। उनकी इस उपलब्धि से हिंदी भाषा एवं साहित्य में अंतरराष्ट्रीय शोध, भारतीय ज्ञान परंपरा और देश की समृद्ध साहित्यिक विरासत के वैश्विक प्रसार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय अकादमिक आयोजनों में विश्वविद्यालय की सक्रिय सहभागिता से विभिन्न देशों के शैक्षणिक संस्थानों के साथ शोध एवं अकादमिक सहयोग की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

Next Story