जयपुर। राजस्थान में फिल्म एवं टेलीविजन के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ राजस्थान (FTIR) और सनराइजिंग सिनेविज़न एकेडमी के बीच तकनीकी एवं बुनियादी ढांचा सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी से राज्य के युवाओं और फिल्म एवं टेलीविजन में करियर बनाने के इच्छुक प्रतिभाशाली लोगों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखा गया है।

एमओयू पर सनराइजिंग सिनेविज़न एकेडमी के निदेशक अनमोल अग्रवाल और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ राजस्थान (FTIR) के निदेशक सोमेंद्र हर्ष ने हस्ताक्षर किए। दोनों संस्थानों के बीच यह सहयोग फिल्म एवं टेलीविजन शिक्षा के लिए तकनीकी तथा बुनियादी ढांचे से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर केंद्रित है।

फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ राजस्थान (FTIR) की ओर से फिल्म एवं टेलीविजन के क्षेत्र में प्रारंभिक पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इनमें छायांकन, संपादन, अभिनय, निर्देशन, पटकथा लेखन, फिल्म निर्माण एवं कंटेंट क्रिएशन फॉर इंफ्लुएंसर तथा फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन एवं मार्केटिंग जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं।

संस्थान की ओर से अलग-अलग अवधि और स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इनमें चार दिवसीय वर्कशॉप्स, छह एवं बारह वीकेंड कोर्स, एक माह का क्रैश कोर्स, तीन माह के सर्टिफिकेट कोर्स और छह माह के एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स प्रमुख रूप से शामिल होंगे।

इन कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रतिभागियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि उनमें रचनात्मक सोच, प्रयोग की क्षमता, कहानी कहने की कला और अपनी विशिष्ट रचनात्मक पहचान विकसित करना भी है। विद्यार्थियों को फिल्म एवं टेलीविजन के व्यावहारिक पक्ष से परिचित कराने के साथ उन्हें इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ राजस्थान (FTIR) के निदेशक सोमेंद्र हर्ष ने कहा कि राजस्थान में प्रतिभा और कहानियों की कोई कमी नहीं है। राज्य की समृद्ध संस्कृति, लोक कला, परंपराएं, विरासत और जीवनशैली फिल्म एवं टेलीविजन के लिए अपार संभावनाएं प्रस्तुत करती हैं। FTIR का प्रयास है कि राजस्थान के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और उचित मंच उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपनी कहानियों और रचनात्मक सोच को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकें।

सनराइजिंग सिनेविज़न एकेडमी के निदेशक अनमोल अग्रवाल ने कहा कि फिल्म निर्माण एक रचनात्मक प्रक्रिया है, जिसमें तकनीकी ज्ञान के साथ कल्पनाशीलता, अनुशासन और प्रभावी कहानी कहने की क्षमता भी आवश्यक है। FTIR के साथ यह सहयोग विद्यार्थियों और उभरते फिल्मकारों को सीखने, प्रयोग करने और अपने कौशल को व्यावहारिक रूप से निखारने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ राजस्थान (FTIR) की इस पहल के साथ राजस्थान में फिल्म एवं टेलीविजन शिक्षा के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है। संस्थान का उद्देश्य ऐसी नई रचनात्मक प्रतिभाओं को तैयार करना है, जो अपनी सोच को आकार दें, अपनी कहानी कहें और अपनी रचनात्मक दुनिया का निर्माण करें।

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