प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने तेज किया महिलाओं-बच्चों को न्याय दिलाने का अभियान, 29 राज्यों में 775 फास्ट ट्रैक कोर्ट सक्रिय
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना के तहत मोदी सरकार के प्रयासों, राजस्थान में 45 कोर्ट और महिलाओं-बच्चों के मामलों में न्याय प्रक्रिया की जानकारी।

तस्वीर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ एक कार्यक्रम के दौरान नजर आ रहे हैं।
राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध गंभीर अपराधों के मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए वर्ष 2019 में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना शुरू की थी, जिसे समय-समय पर विस्तार दिया गया है।
मदन राठौड़ ने बताया कि 30 अप्रैल 2026 तक देश के 29 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 775 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट संचालित हैं। इनमें 398 विशेष पॉक्सो न्यायालय भी शामिल हैं। राजस्थान में 45 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट कार्यरत हैं, जिनमें 30 विशेष पॉक्सो न्यायालय शामिल हैं। यह व्यवस्था महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों के त्वरित निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में विधि और न्याय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार अर्जुनराम मेघवाल ने सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना के तहत न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विधी एवं न्याय मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2023 में इन न्यायालयों में 81,471 नए मामले दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2024 में 88,902 और वर्ष 2025 में 1,43,936 नए मामले दर्ज किए गए। वहीं इन न्यायालयों द्वारा वर्ष 2023 में 76319, वर्ष 2024 में 85595 तथा वर्ष 2025 में 66500 मामलों का निस्तारण किया गया।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट योजना के तहत स्थापना से अब तक राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को 1,259.51 करोड़ की राशि जारी की है। राजस्थान को वर्ष 2023-24 में 21.14 करोड़, वर्ष 2024-25 में 22.22 करोड़ तथा वर्ष 2025-26 में 19.44 करोड़ की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार न्याय व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए राज्यों एवं उच्च न्यायालयों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें कर रही है। न्यायालयों में रिक्त पदों की पूर्ति, आधारभूत संरचना के विकास तथा समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी केंद्र सरकार वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का लक्ष्य महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से न्यायिक व्यवस्था को अधिक सशक्त, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

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