राज्य में माल परिवहन के दौरान ई-वे बिल के प्रावधानों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की प्रवर्तन टीमों ने पिछले 10 दिनों में 16 अलग-अलग ट्रांसपोर्टरों के 29 वाहन अनियमितताओं के चलते पकड़े हैं। इन वाहनों में या तो आवश्यक ई-वे बिल के बिना माल का परिवहन किया जा रहा था या ई-वे बिल में वास्तविक रूप से परिवहन किए जा रहे माल की तुलना में कम मात्रा अथवा कम मूल्य दर्शाया गया था।

विभाग ने पकड़े गए वाहनों को नियमानुसार जब्त कर उनके संबंध में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। माल और संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत सत्यापन किया जा रहा है। जांच के आधार पर देय कर, ब्याज और दंड की राशि निर्धारित की जाएगी।

पिछले तीन दिनों में ही विभाग की प्रवर्तन टीमों ने कई प्रमुख ट्रांसपोर्टरों के वाहनों में ई-वे बिल संबंधी अनियमितताएं पकड़ी हैं। इनमें जड़िया ट्रांसपोर्ट, पूजा रोड कैरियर्स, बालाजी ट्रांसपोर्ट, टीएफसी, ओम शिव ट्रांसपोर्ट, शक्ति, उदयपुर गोल्डन, शेखावाटी ट्रांसपोर्ट कंपनी और यू ट्रांस लॉजिस्टिक सहित अन्य ट्रांसपोर्टर शामिल हैं। कुछ ट्रांसपोर्टरों के एक से अधिक वाहन भी अनियमितता में पकड़े गए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ मामलों में कर चोरी की मंशा से आवश्यक ई-वे बिल के बिना माल का परिवहन किया जा रहा था। वहीं, कुछ मामलों में ई-वे बिल में वास्तविक माल की तुलना में कम मात्रा अथवा कम मूल्य दर्ज किया गया। विभाग ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रहा है, क्योंकि इससे वास्तविक कर देयता को कम दर्शाने की संभावना रहती है।

प्रवर्तन टीमों द्वारा वाहनों में लदे माल, ई-वे बिल और अन्य संबंधित दस्तावेजों का आपसी मिलान एवं सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कर, ब्याज और दंड निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वाणिज्यिक कर विभाग ने व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों को स्पष्ट संदेश दिया है कि माल परिवहन के दौरान ई-वे बिल के सभी प्रावधानों का पूर्ण पालन किया जाए। ई-वे बिल में माल की वास्तविक मात्रा, वास्तविक मूल्य और परिवहन से संबंधित सही विवरण दर्ज करना अनिवार्य है।

विभाग ने कहा कि बिना ई-वे बिल माल का परिवहन करने अथवा जानबूझकर कम मात्रा या मूल्य दर्शाकर कर देयता कम करने के प्रयासों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

विभाग के अनुसार ई-वे बिल व्यवस्था के प्रभावी अनुपालन से न केवल कर चोरी पर अंकुश लगेगा, बल्कि ईमानदारी से व्यापार और माल परिवहन करने वाले करदाताओं के हितों की भी रक्षा होगी। दस्तावेजों में कम माल दर्शाकर परिवहन करने वाले कारोबारियों को अनुचित प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलने की स्थिति को रोकना भी विभाग की प्राथमिकता है।

वाणिज्यिक कर विभाग की प्रवर्तन टीमों द्वारा राज्यभर में माल परिवहन की निगरानी और जांच लगातार जारी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर अनुपालन में लापरवाही अथवा ई-वे बिल के दुरुपयोग पर कार्रवाई आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगी।

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