भिवानी-रोहतक रेलखण्ड पर दोहरीकरण से थमेगी रफ्तार: यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें, कई ट्रेनें रद्द और मार्ग परिवर्तित
भिवानी-रोहतक रेलखण्ड पर दोहरीकरण और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग कार्य के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे की कई महत्वपूर्ण रेल सेवाएं रद्द और डायवर्ट की गई हैं। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण द्वारा जारी सूचना के अनुसार, जनवरी और फरवरी 2026 में भिवानी, रोहतक, हिसार और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को रूट परिवर्तन और ट्रेनों के निरस्तीकरण से जूझना होगा। पूरी सूची यहाँ देखें।

भिवानी। रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और अधिक कुशल बनाने की दिशा में बीकानेर मंडल एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है, हालांकि विकास की इस पटरी पर फिलहाल आम यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। भिवानी-रोहतक रेलखण्ड के मध्य सुगम रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए डोभभाली-लाहली-कलानौल कलां स्टेशनों के बीच दोहरीकरण का महत्वपूर्ण कार्य शुरू किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना के तहत ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का कार्य किया जाएगा, जिसके चलते आगामी जनवरी और फरवरी माह में रेल यातायात व्यापक रूप से प्रभावित रहने वाला है।
विकास की इस प्रक्रिया के कारण भिवानी और रोहतक के बीच चलने वाली दैनिक रेल सेवाओं पर सबसे अधिक गाज गिरी है। रेल प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 54016, 54013, 54018 और 54014 जैसी महत्वपूर्ण भिवानी-रोहतक रेलसेवाएं 27 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक पूरी तरह रद्द रहेंगी। वहीं, रोहतक-भिवानी मार्ग पर चलने वाली गाड़ी संख्या 54015 भी 26 जनवरी से ही पटरियों से नदारद रहेगी। इसके अतिरिक्त, रोहतक-हांसी के बीच संचालित होने वाली गाड़ी संख्या 54011 और 54012 को भी 14 से 16 फरवरी तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। हिसार और नई दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों को भी 14 फरवरी को गाड़ी संख्या 54424 और 54423 के रद्द होने से भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
केवल ट्रेनों का रद्द होना ही नहीं, बल्कि कई प्रमुख ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। अगरतला से फिरोजपुर जाने वाली ट्रेन अब रोहतक-झाडली-बठिण्डा होकर चलेगी, जबकि दिल्ली-बठिण्डा और बीकानेर-हरिद्वार जैसी लंबी दूरी की ट्रेनों को महम और जाखल के वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ा गया है। इस दौरान ये ट्रेनें जींद, जाखल और महम जैसे स्टेशनों पर ठहराव करेंगी, जिससे नियमित रूट के स्टेशनों के यात्रियों को कठिनाई होगी। इसके साथ ही, कलानौर कलां और लाहली जैसे स्टेशनों पर कुछ प्रमुख रेल सेवाओं का ठहराव भी अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे का यह कदम भविष्य में रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित और तीव्र बनाने के लिए उठाया गया एक अनिवार्य तकनीकी प्रयास है, जो पूर्ण होने के बाद इस क्षेत्र में परिवहन की नई परिभाषा लिखेगा।

Pratahkal Bureau
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