दिया कुमारी की अध्यक्षता में बैठक: राजस्थान बनेगा महिला-बाल विकास का मॉडल स्टेट
सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने किराये और जीर्ण-क्षीर्ण भवनों को प्रीफेब्रिकेटेड मॉडल आंगनबाड़ियों में बदलने और कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।

जयपुर स्थित सचिवालय में उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उपस्थित शासन सचिव श्रीमती पूनम, आईसीडीसी निदेशक वासुदेव मालावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण।
राजस्थान को महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में देश का एक अग्रणी 'मॉडल स्टेट' बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ राजधानी जयपुर के सचिवालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में विभाग की शासन सचिव श्रीमती पूनम, आईसीडीसी (इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज) के निदेशक वासुदेव मालावत, महिला अधिकारिता आयुक्त राकेश राजोरिया सहित विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक में विभाग की वर्तमान प्रगति की गहन समीक्षा करने के साथ ही भविष्य की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का खाका खींचा गया, जिसमें उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता और संकल्पित होकर कार्य करने के कड़े निर्देश जारी किए।
इस रणनीतिक बैठक के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव श्रीमती पूनम ने उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी को गर्वकाले आंकड़ों के साथ अवगत कराया कि विभाग वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने बताया कि पोषण ट्रैकर ऐप के एफआरएस (फेशियल रिकग्निशन सिस्टम), पीएमएमवीवाई (प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना) और देश की महत्वाकांक्षी 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना की राष्ट्रीय रैंकिंग में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत जगह बनाए हुए है। विभाग की इस राष्ट्रीय सफलता की सराहना करते हुए उप मुख्यमंत्री के समक्ष कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से प्रदेश की आंगनबाड़ियों की सूरत बदलने को लेकर एक विशेष प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसमें प्रीफेब्रिकेटेड मॉडल आंगनबाड़ी के विभिन्न अत्याधुनिक डिज़ाइनों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस नई कार्ययोजना के तहत प्रदेश की आंगनबाड़ियों को सीएसआर फंड के सहयोग से स्मार्ट क्लास, भव्य किचन गार्डन, बाल-मैत्री (चाइल्ड-फ्रेंडली) फर्नीचर और मनोरंजक टॉय बैंक जैसी आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड कर एक 'आदर्श केंद्र' के रूप में विकसित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इन डिज़ाइनों को देखने के बाद निर्देश दिए कि प्रदेश में वर्तमान में संचालित किराये के आंगनबाड़ी भवनों तथा अन्य जीर्ण-क्षीर्ण हो चुके पुराने भवनों को सीएसआर के सहयोग से प्रीफेब्रिकेटेड मॉडल आंगनबाड़ी में परिवर्तित करने के लिए एक पायलेट परियोजना पर तुरंत कार्य शुरू किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आंगनबाड़ियों के कायाकल्प की इस महा-परियोजना में सीएसआर का सहयोग एक गेम-चेंजर और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उद्योगों को इस पुनीत कार्य से जोड़ने के लिए उन्होंने एक विशेष सीएसआर वर्कशॉप आयोजित करने का सुझाव दिया, ताकि कॉरपोरेट और बड़े उद्योगों को इस सामाजिक सरोकार हेतु निवेश करने के लिए प्रेरित किया जा सके।
बैठक में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण से जुड़ी बेहद संवेदनशील 'लाडो प्रोत्साहन योजना' और 'उड़ान योजना' की भी गहन समीक्षा की गई, जिस पर उप मुख्यमंत्री ने धरातल पर शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के नियमित प्रशिक्षण पर सबसे अधिक जोर दिया। दिया कुमारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि हमें बाल्य शिक्षा को बढ़ावा देना है, तो कार्यकर्ताओं का पूर्णतः प्रशिक्षित होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, खेल-आधारित शिक्षण तकनीकों और आधुनिक डिजिटल टूल्स के उपयोग में निपुण बनाने के लिए निरंतर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, महिला सुरक्षा और न्याय के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाते हुए उप मुख्यमंत्री ने वन स्टॉप सेंटर योजना के तहत प्रदेश में निर्माणाधीन 7 केंद्रों के कार्यों की समीक्षा की और सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को निर्देश दिए कि वे इन सभी निर्माणाधीन केंद्रों के सिविल वर्क्स को पूरी समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करवाएं। यह बैठक राजस्थान में महिला सशक्तिकरण और नौनिहालों के सुरक्षित एवं आधुनिक भविष्य की दिशा में एक युगांतकारी कदम साबित होगी।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
