राजस्थान की उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा की गई बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। शासन सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती पूनम और निदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं वासुदेव मालावत की उपस्थिति में आयोजित इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 से संबंधित विभाग की 11 बजट घोषणाओं की प्रगति पर गहन चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि इनमें से एक घोषणा का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 10 घोषणाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को पाबंद किया। इस दौरान संकल्प पत्र की प्राथमिकताओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रशिक्षित कार्यकर्ता न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन अधिक कुशलता से कर सकती हैं, बल्कि इससे वहां आने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की दक्षता बढ़ने से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं सहित किशोरी बालिकाओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार आएगा। शिक्षा विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि शाला पूर्व शिक्षा की गतिविधियों को और अधिक सघनता से संचालित किया जाए। साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्देश देते हुए कहा कि किराए के भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को राजकीय विद्यालयों के भवनों में स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाए और जहां यह संभव न हो, वहां केंद्रों को बेहतर सुविधाओं वाले किराए के भवनों में ही संचालित करना सुनिश्चित किया जाए।

आधारभूत ढांचे की मजबूती पर ध्यान केंद्रित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर विद्युत, पेयजल और क्रियाशील शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए, जिसके लिए संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय किया जाए। बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति और आंगनबाड़ी केंद्रों को 'नंदघर' के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना की भी समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने अंत में कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस वित्तीय वर्ष के लिए तय किए गए सभी लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए ताकि विभागीय योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर पर बैठी महिला और बच्चे तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। यह बैठक प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के प्रति सरकार की दृढ़ संकल्पबद्धता को प्रदर्शित करती है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story