जयपुर, 13 अप्रैल। उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर पर सोमवार को केन्द्रीय बजट 2026 आधारित 'माय भारत बजट क्वेस्ट' के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए महिला नेतृत्व एवं समावेशी विकास के विषय पर अपने विचार साझा किए।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम और प्रधानमंत्री का आभार

अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने विशेष रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि "नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत की संसद में पास होने वाला, इसके लिए मैं एक नारी होने के नाते प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करती हूँ।" उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को समान अवसर मिल सकेंगे, जिससे उन्हें नीति निर्माण में सक्रिय सहभागिता का अवसर प्राप्त होगा। महिलाओं की बराबरी अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि महिलाओं के नेतृत्व एवं समावेशी विकास से ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।



केन्द्रीय बजट 2026 और युवाओं की भागीदारी

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बजट-2026 प्रधानमंत्री के विकसित भारत विजन से प्रेरित है, जिसमें युवाओं और महिलाओं को नीति निर्माण के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने बताया कि 'माय भारत बजट क्वेस्ट 2026' युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर का युवा संवाद कार्यक्रम है, जो केंद्रीय बजट 2026 की समझ बढ़ाने और युवाओं को नीति निर्माण में जोड़ने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री जी की यह पहल बजट प्रावधानों को सरल बनाकर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करती है।" उनके अनुसार बजट और योजनाएं सिटिजन सेंट्रिक होनी चाहिए, ताकि आमजन को सीधे लाभ मिल सके।

विकसित राष्ट्र के लिए नवाचार और सुदृढ़ योजना

दिया कुमारी ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सुदृढ़ योजना, नवाचार और समन्वय आवश्यक हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर ही समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए इसे राष्ट्र के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने दोहराया कि युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित राष्ट्र के उक्त लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

लैंगिक समानता और राष्ट्र निर्माण पर विशेषज्ञों के विचार

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव पूनम ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और राष्ट्र निर्माण में युवाओं तथा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि "युवा और महिलाएं खुद में विश्वास रखकर हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं।" सचिव पूनम ने यह भी रेखांकित किया कि राजस्थान को 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए लैंगिक समानता अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान महिला नेतृत्व एवं समावेशी विकास पर एक पैनल डिस्कशन का भी आयोजन हुआ जिसमें विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए। प्रदेशभर से चयनित युवा प्रतिभागियों ने विकसित भारत-2047 के विजन पर विचार साझा किए और विशेषज्ञों ने युवाओं के विभिन्न सवालों के उत्तर दिए।

Pratahkal Bureau

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