जयपुर, 23 दिसंबर 2025। राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जयपुर जिले में मंगलवार को जिला स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिले के प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने की। यह सम्मेलन राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ समन्वित रूप से आयोजित किया गया और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के माध्यम से पूरे प्रदेश में सजीव प्रसारित किया गया।

सम्मेलन में मुख्य रूप से किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने और लागत कम करने की जानकारी दी गई। श्री जोगाराम पटेल ने किसानों को उन्नत बीज, उर्वरक और रसायनों के प्रयोग के साथ-साथ जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों का उपयोग करने की सलाह दी। उनका कहना था कि उन्नत खेती और समृद्ध किसान ही विकसित राजस्थान की आधारशिला हैं।

इस अवसर पर लगभग 150 किसानों ने सम्मेलन में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री, जिला प्रमुख और जिला कलक्टर द्वारा कम लागत के प्याज भंडारण गृह, फॉर्म पॉण्ड और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए चयनित किसानों को वित्तीय स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। जिला प्रमुख महोदया ने किसानों को नवीनतम उद्यानिकी तकनीकों के माध्यम से आयवर्धन करने का आह्वान किया। वहीं जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रीन हाउस, शेडनेट हाउस, सामुदायिक जल स्रोत तथा सोलर पम्प संयंत्र जैसी कृषि एवं उद्यानिकी अधोसंरचना को अपनाकर आमदनी बढ़ाने की जानकारी दी।

उपनिदेशक उद्यान जयपुर श्री हरलाल सिंह बिजारनियाँ ने विस्तार से बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसानों के खेतों में 6,004 सोलर पम्प संयंत्र स्थापित किए गए हैं, 21,704 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा 10,60,683 वर्ग मीटर में ग्रीन हाउस और 2,34,154 वर्ग मीटर में शेडनेट हाउस स्थापित किए गए। प्याज फसल को संरक्षित रखने के लिए 619 कम लागत के प्याज भंडारण गृह बनाए गए।

कृषि विभाग ने 4,038 चारा मिनीकिट और 2,73,653 फसल बीज मिनीकिट निःशुल्क वितरित किए। 11,965 फॉर्म पॉण्ड तथा 2,276.10 किलोमीटर सिंचाई पाइपलाइन के लिए अनुदान जारी किया गया। जैविक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु 2,674 किसानों की वर्मी कम्पोस्ट इकाइयाँ स्थापित की गईं और 45,544 किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए गए। फसलों को आवारा पशुओं से सुरक्षित रखने के लिए 29,87,600 मीटर तारबंदी पर अनुदान प्रदान किया गया।

यह जिला स्तरीय सम्मेलन न केवल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराने का अवसर था, बल्कि उनके आर्थिक और पर्यावरणीय स्थायित्व को बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है। इस प्रकार, “उन्नत खेती, समृद्ध किसान” कार्यक्रम ने राजस्थान के कृषि विकास में एक नई दिशा प्रदान की है।

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