डीडवाना: राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने नारी शक्ति और शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया; पंडित बच्छराज व्यास को दी श्रद्धांजलि
राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने डीडवाना के श्री बांगड़ महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में शिरकत की। उन्होंने शिक्षा को जीवन परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए बालिकाओं को तकनीकी शिक्षा अपनाने और पंडित बच्छराज व्यास के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने भी नारी शक्ति के बढ़ते कदमों की सराहना की। जानिए इस गरिमामयी आयोजन की पूरी रिपोर्ट।

डीडवाना/जयपुर। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वह शक्ति है जो मनुष्य के चरित्र और बौद्धिक क्षमताओं का निर्माण कर उसके जीवन की दिशा बदल देती है। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को डीडवाना स्थित श्री बांगड़ महिला महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए उक्त विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को एकाग्रता, निरंतर अभ्यास और कड़े परिश्रम को सफलता का मूल मंत्र बनाने की प्रेरणा दी।
तकनीकी शिक्षा और महिला सशक्तीकरण पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीकी शिक्षा की अनिवार्यता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के युग में बालिकाओं के लिए तकनीकी कौशल हासिल करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे अपनी प्रतिभा का पूर्ण विकास कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की बेटियों में असीम प्रतिभा है और सही दिशा मिलने पर वे वैश्विक पटल पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
लेख के मुख्य बिंदु:
शिक्षा का उद्देश्य: राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि वास्तविक शिक्षा वही है जो व्यक्ति को चारित्रिक रूप से सुदृढ़ बनाए।
प्रेरणा का स्रोत: छात्राओं को 'ऑपरेशन सिंदूर' में महिलाओं की वीरतापूर्ण भूमिका से सीख लेने और हर क्षेत्र में अग्रणी रहने का आह्वान किया गया।
नि:शुल्क शिक्षा की सराहना: राज्यपाल ने श्री बांगड़ महिला महाविद्यालय द्वारा बालिकाओं को प्रदान की जा रही नि:शुल्क शिक्षा की पहल को समाज के लिए अनुकरणीय बताया।
प्रतिभाओं का सम्मान: कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को राज्यपाल के हाथों डिग्री और पदक प्रदान किए गए।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे की गरिमामयी उपस्थिति
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्वाधीनता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक, महिलाओं ने हर मोर्चे पर अपनी योग्यता सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि आज की नारी न केवल घर-परिवार संभाल रही है, बल्कि राष्ट्र के मान-सम्मान को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
पंडित बच्छराज व्यास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि
वार्षिकोत्सव से पूर्व, राज्यपाल श्री बागडे पंडित बच्छराज आदर्श विद्या मन्दिर पहुंचे। वहाँ उन्होंने प्रखर राष्ट्रवादी व्यक्तित्व पंडित बच्छराज व्यास की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंडित व्यास का जीवन राष्ट्र सेवा और आदर्शों का जीवंत उदाहरण है, जिससे प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी को समाज के उत्थान में अपना योगदान देना चाहिए।
निष्कर्ष
यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन और महिला सशक्तिकरण के संकल्प को दोहराने का एक महत्वपूर्ण मंच भी बना। राज्यपाल और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने डीडवाना के शैक्षिक परिदृश्य को एक नई ऊर्जा प्रदान की है।

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