DFC ने रचा इतिहास, भारतीय रेलवे के साथ किया रिकॉर्ड 927 ट्रेनों का इंटरचेंज
मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने और नेटवर्क कंजेशन घटाने के लिए DFC व भारतीय रेल के बीच परिचालन समन्वय में नया मील का पत्थर हासिल हुआ।

डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) ने 13 सितंबर 2026 को भारतीय रेल के साथ ट्रेनों के इंटरचेंज का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड दर्ज किया। इस दिन DFC नेटवर्क पर भारतीय रेल के साथ 927 ट्रेनों तथा 3 लाइट इंजनों (LEs) का इंटरचेंज हुआ। यह उपलब्धि मालगाड़ियों के परिचालन में बेहतर समन्वय, कंट्रोल ऑफिस की दक्षता और भारतीय रेल के साथ निर्बाध एकीकरण को दर्शाती है।
माल लदान के परिवहन को सुगम और तीव्र बनाने के लिए डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) और भारतीय रेलवे ने आपसी समन्वय बेहतर करते हुए अधिकतम ट्रेनों को नेटवर्क पर इंटरचेंज किया है। इससे गुड्स ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम हो रहा है।
सरल शब्दों में, ट्रेनों का इंटरचेंज भारतीय रेल और डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के बीच मालगाड़ियों का सुचारू आदान-प्रदान है। इसके जरिए माल बिना विलंब के दोनों नेटवर्क के माध्यम से अपनी यात्रा जारी रख सकता है। यह दोनों प्रणालियों के बीच ट्रेनों के स्थानांतरण, नियंत्रण और समन्वय की दक्षता को दर्शाता है।
DFCCIL ने 13 सितंबर 2026 को भारतीय रेल के साथ DFC नेटवर्क पर अब तक का सर्वाधिक 927 ट्रेनों तथा 3 लाइट इंजनों (LEs) का इंटरचेंज दर्ज किया। इससे पहले सर्वाधिक इंटरचेंज 11 सितंबर 2026 को 908 ट्रेनों तथा 9 लाइट इंजनों के साथ दर्ज किया गया था। नवीनतम प्रदर्शन में 19 ट्रेनों की वृद्धि हुई है, जो लगातार बेहतर होते परिचालन समन्वय को दर्शाती है।
इसी दिन डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने भारतीय रेल के उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार वाले नेटवर्क के साथ एक इंटरचेंज पॉइंट किशनगढ़ बालावास पर एक दिन में अब तक का सर्वाधिक 59 ट्रेनों का इंटरचेंज दर्ज किया। इससे पहले इसी पॉइंट पर यह संख्या 55 ट्रेनों की रही थी।
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने भारतीय रेल के उत्तर पश्चिम रेलवे के क्षेत्राधिकार के सम्पूर्ण नेटवर्क के साथ 11 सितंबर 2026 को रिकॉर्ड 146 ट्रेनों का इंटरचेंज किया था।
यह उपलब्धि परिचालन प्रदर्शन में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तथा भारतीय रेल के बीच बढ़ते समन्वय को दर्शाती है। यह प्रभावी योजना, वास्तविक समय समन्वय और नेटवर्क क्षमता में वृद्धि के कारण संभव हुआ है।
डेडीकेटेड इन्फ्रास्ट्रक्चर, हायर स्पीड्स, हायर एक्सल-लोड कैपेबिलिटी और फुल इलेक्ट्रिफिकेशन के साथ DFC बड़े पैमाने पर फ्रेट मूवमेंट को सक्षम बनाता है तथा पारंपरिक इंडियन रेलवे नेटवर्क पर कंजेशन को कम करता है। इससे पैसेंजर सर्विसेज और अतिरिक्त फ्रेट ऑपरेशंस के लिए कैपेसिटी उपलब्ध होती है।
927 ट्रेनों का रिकॉर्ड इंटरचेंज DFC नेटवर्क की बढ़ती परिचालन क्षमता और परिपक्वता को दर्शाता है। साथ ही यह भारत में तेज, कुशल एवं सतत माल परिवहन प्रणाली को मजबूत करने में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

Pratahkal Bureau
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