नाथद्वारा रेल कनेक्टिविटी को बड़ी सौगात, 42.64 किमी नए ब्रॉडगेज रेलखंड का कार्य पूरा, CRS निरीक्षण सफल
देवगढ़ मदारिया-नाथद्वारा गेज परिवर्तन परियोजना के तहत 42.64 किमी नया ब्रॉडगेज रेलखंड तैयार हो गया है। CRS निरीक्षण और 121 किमी प्रति घंटे का स्पीड ट्रायल भी सफल रहा।

नाथद्वारा आने वाले तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों को जल्द ही सुगम और तीव्र रेल यातायात की सुविधा मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल की देवगढ़ मदारिया-नाथद्वारा गेज परिवर्तन परियोजना के तहत लावा सरदारगढ़ (शामिल) से नाथद्वारा (रहित) तक 42.64 किलोमीटर लंबे नए ब्रॉडगेज रेलखंड का निर्माण विद्युतीकरण सहित सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस रेलखंड पर यात्री रेल यातायात शुरू करने से पूर्व संरक्षा एवं सुरक्षा मानकों की जांच के लिए आयुक्त रेलवे संरक्षा (CRS) का निरीक्षण भी सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस दौरान 121 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी सफलतापूर्वक किया गया।
यह रेलखंड मारवाड़-मावली 134.68 किलोमीटर गेज परिवर्तन परियोजना का प्रमुख हिस्सा है, जिसे वर्ष 2017-18 में स्वीकृत किया गया था। परियोजना की स्वीकृत विस्तृत लागत 968.92 करोड़ रुपये है। गेज परिवर्तन के बाद यह क्षेत्र राजस्थान, गुजरात तथा उत्तर भारत के प्रमुख रेल नेटवर्क और व्यापारिक गलियारों से सीधे ब्रॉडगेज लाइन के माध्यम से जुड़ जाएगा, जिससे क्षेत्रीय रेल संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।
कुल 42.64 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड का विस्तार किमी 92.100 से किमी 134.740 तक है। पूरी मुख्य लाइन पर आधुनिक मानकों के अनुरूप 60 किलोग्राम (R-260) की नई रेलें (LWR/SWR) बिछाई गई हैं। ट्रैक निर्माण में 350 मिमी बैलास्ट कुशन तथा प्रति किलोमीटर 1660 स्लीपर डेंसिटी वाले पीएससी स्लीपर लगाए गए हैं। रेल जोड़ों को अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्य रूप से फ्लैश बट वेल्डिंग (Flash Butt Welding) तकनीक का उपयोग किया गया है।
रेलखंड पर एक महत्वपूर्ण पुल, जिसमें 18.3 मीटर के 24 स्पैन तथा कुल लंबाई 439.20 मीटर है, के साथ पांच प्रमुख पुल और 80 छोटे पुलों का निर्माण किया गया है। सभी पुलों का निर्माण 25-टन (2008) लोडिंग मानक के अनुरूप अत्याधुनिक तकनीकों से किया गया है। यात्रियों और सड़क यातायात की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समपार फाटकों को समाप्त कर 35 सीमित ऊंचाई वाले सब-वे (LHS), दो सब-वे तथा दो रोड ओवर ब्रिज (ROB) बनाए गए हैं, जबकि केवल तीन समपार फाटकों को इंटरलॉक्ड एवं मानवयुक्त स्वरूप में रखा गया है।
रेल परिचालन को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए नाथद्वारा, कांकरोली, कुंवारिया और लावा सरदारगढ़ सहित सभी चार ब्लॉक स्टेशनों पर Standard-III इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) तथा मल्टी एस्पेक्ट कलर लाइट सिग्नलिंग (MACLS) प्रणाली स्थापित की गई है। ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए 'हॉट स्टैंडबाय' तकनीक के साथ डुअल वीडीयू (VDU) और डिजिटल एक्सल काउंटर (Dual-SSDAC) आधारित एब्सोल्यूट ब्लॉक वर्किंग प्रणाली विकसित की गई है। आपातकालीन संचार व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे 42.64 किलोमीटर रेलखंड में 6-क्वाड केबल तथा 4x48 फाइबर ऑप्टिक केबल (OFC) भी बिछाई गई है।
यात्री सुविधाओं के तहत लावा सरदारगढ़, कांकरोली और कुंवारिया को तीन-लाइन क्रॉसिंग स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है, जहां 580 से 600 मीटर लंबे उच्च स्तरीय यात्री प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेल्टर, आधुनिक प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं तथा सुरक्षित आवागमन के लिए सब-वे और फुट ओवर ब्रिज (FOB) उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं सोनियाणा मेवाड़ और बेजनाल को नए ब्रॉडगेज हॉल्ट स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है, जहां नए स्टेशन भवन, बुकिंग कक्ष, 400 मीटर से अधिक लंबे उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म और शेल्टर तैयार किए गए हैं। सभी स्टेशनों और स्टेशन परिसरों में शत-प्रतिशत ऊर्जा दक्ष LED लाइट्स तथा जीपीएस घड़ियां भी स्थापित की गई हैं।
देवगढ़ मदारिया-नाथद्वारा गेज परिवर्तन परियोजना के तहत तैयार यह नया ब्रॉडगेज रेलखंड दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्रों तथा अरावली पर्वतमाला से सटे इलाकों के सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति देगा। साथ ही, प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल नाथद्वारा आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए यह रेल सेवा भविष्य में सुगम और तीव्र कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण माध्यम सिद्ध होगी।

Pratahkal Bureau
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