अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 15 करोड़ रुपये की लागत से दौसा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पूरा हुआ। जानिए यात्रियों को मिली नई आधुनिक सुविधाएं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से दौसा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास पूरा कर लिया गया है। पुनर्विकास के बाद स्टेशन को आधुनिक, यात्री-अनुकूल और बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित बनाया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध होगा।

दौसा रेलवे स्टेशन राजस्थान के दौसा जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल और परिवहन केंद्र है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार यह स्टेशन दिल्ली-अहमदाबाद रेल मार्ग पर जयपुर से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दौसा का रेलवे इतिहास ब्रिटिश शासनकाल से जुड़ा है, जब इसे मुख्य रूप से व्यापार, शिक्षा और सेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से विकसित किया गया था।

दौसा रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में 74 ट्रेनों का ठहराव है और यहां से प्रतिदिन औसतन 15,000 यात्री यात्रा करते हैं। बढ़ते यात्री भार को देखते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया गया है।

पुनर्विकास कार्य के तहत स्टेशन भवन का पूर्ण नवीनीकरण किया गया है। सर्कुलेटिंग क्षेत्र में सुविधाजनक क्षेत्र विकसित किया गया है तथा यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं। स्टेशन भवन में पोर्च का निर्माण भी किया गया है। स्टेशन भवन और प्रतीक्षालय में भारतीय कला, विरासत और संस्कृति को प्रदर्शित करते चित्र बनाए गए हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था भी विकसित की गई है।

स्टेशन पर लगभग 4.10 करोड़ रुपये की लागत से ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) का निर्माण किया गया है, जिसमें रैंप और कवरिंग शेड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आधुनिक फिटिंग के साथ मौजूदा शौचालय ब्लॉकों का नवीनीकरण किया गया है। दिव्यांगजनों के लिए हेल्प बूथ, शौचालय, वाटर बूथ, रैंप, अलग पार्किंग, साइनेज और बैठने के लिए कुर्सियों सहित विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 1.08 करोड़ रुपये की लागत से दो लिफ्ट भी स्थापित की गई हैं।

यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर ट्रेन सूचना बोर्ड और कोच इंडिकेशन बोर्ड लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। जल संरक्षण के उद्देश्य से रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित किए गए हैं, जबकि ऊर्जा संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा से संबंधित कार्य भी किए गए हैं।

दौसा रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास से आसपास के क्षेत्र की परिवहन संबंधी आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी। साथ ही इस महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के विकास से आर्थिक अवसरों में वृद्धि होने के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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