दौसा पुलिस टीम को 25 हजार का नकद इनाम, CID अपराध शाखा ने की घोषणा
एडीजी बिपीन कुमार पांडेय के आदेश पर वर्ष 2016 के अपहरण मामले और सुरेश मीणा की दस्तयाबी का सफल खुलासा करने वाले चार पुलिसकर्मियों को मिलेगा नकद पुरस्कार।

दौसा जिले में वर्ष 2016 में दर्ज एफआईआर संख्या 145/2016 के तहत सुरेश मीणा गुमशुदगी मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारी एवं स्थानीय लोग।
राजस्थान पुलिस की सीआईडी (अपराध शाखा) ने करीब एक दशक पुराने सनसनीखेज मामले में न्याय की उम्मीदों को जिंदा रखते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2016 में दर्ज हुए एक पेचीदा और गंभीर मामले का अत्यंत सूझबूझ के साथ सफल खुलासा करने वाली जांबाज पुलिस टीम के लिए विभाग द्वारा नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस, सीआईडी (अपराध) राजस्थान, जयपुर बिपीन कुमार पांडेय द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक आदेश के तहत इस पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश करने वाले संबंधित जांबाज पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कुल ₹25,000 की नकद इनाम राशि वितरित कर सम्मानित किया जाएगा।
इस राजकीय आदेश के विस्तृत विवरण के अनुसार, मानव तस्करी विरोधी यूनिट एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय, दौसा से जुड़े कुल चार जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के लिए चिन्हित किया गया है। कर्तव्यनिष्ठा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इन चारों पुलिसकर्मियों में से प्रत्येक को ₹6250 की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। विभाग द्वारा सम्मानित होने वाले इन जांबाज अधिकारियों में मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक दीपक कुमार, एसटी-एससी सेल के हेड कांस्टेबल नवीन कुमार, पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय के हेड कांस्टेबल लक्ष्मीकांत तथा एसटी-एससी सेल के कांस्टेबल भगवान सहाय शामिल हैं, जिन्होंने अपने अथक प्रयासों से कानून व्यवस्था के इकबाल को बुलंद किया।
इस पूरे पुरस्कार के केंद्र में दौसा जिले के सदर थाना क्षेत्र में दर्ज वह गंभीर आपराधिक मामला था, जिसने वर्ष 2016 में पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। यह पूरा प्रकरण सदर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर संख्या 145/2016 (धारा 365 भादंसं) के तहत दर्ज किया गया था, जो अपहरण की संगीन धाराओं से जुड़ा था। इस दर्ज प्रकरण में गुमशुदा युवक सुरेश मीणा पुत्र रामप्रताप मीणा, निवासी शाहजानपुर, ग्राम पोस्ट राहुवास पुलिस थाना रामगढ़ पचवारा, जिला दौसा की सुरक्षित दस्तयाबी सुनिश्चित करने तथा इस रहस्यमयी मामले के पीछे छिपी पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में इन पुलिसकर्मियों ने एक उल्लेखनीय और ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। पुलिस महानिदेशालय द्वारा की गई यह घोषणा न केवल अपराधियों को कड़ा संदेश देती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और न्याय के रास्ते में समय की दूरी कभी बाधक नहीं बन सकती।

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