जयपुर। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर करीब दो करोड़ रुपये कीमत के स्कूटर पार्ट्स से भरे ट्रक की लूट के मामले का पापड़दा थाना पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि जिस ट्रक चालक ने खुद को लूट का पीड़ित बताया था, वही पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार निकला। चालक ने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर ट्रक को हड़पने की योजना बनाई और पुलिस को गुमराह करने के लिए लूट की झूठी कहानी रची।

पुलिस ने मामले में परिवादी एवं ट्रक चालक माहिर आजाद को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर करीब दो करोड़ रुपये कीमत के स्कूटर पार्ट्स से भरा ट्रक नंबर PB13BF8707 हरियाणा के फिरोजपुर झिरका से बरामद कर लिया गया। साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस जयपुर रेंज राहुल प्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक दौसा पीयूष दीक्षित के सुपरविजन तथा पापड़दा थानाधिकारी जनमेजाराम के नेतृत्व में की गई। बांदीकुई थानाधिकारी जहीर अब्बास एवं कोलवा थानाधिकारी मनोहर लाल की टीमों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।

एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को माहिर आजाद पुत्र अलादीन निवासी खेस्ती थाना सीकरी जिला डीग ने पापड़दा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह 28 अगस्त को मुंबई से ट्रक में स्कूटर पार्ट्स भरकर जींद जा रहा था। 31 अगस्त की शाम करीब आठ बजे वह आलूदा रेस्ट एरिया पर रुका था। इसी दौरान दो युवक उसके पास आए और आगे तक छोड़ने के लिए कहा। मना करने पर दोनों जबरन ट्रक में बैठ गए और उसके साथ मारपीट कर उसे ट्रक के अंदर पटक दिया।

माहिर आजाद ने पुलिस को बताया कि दोनों युवकों में से एक ट्रक चलाने लगा और करीब रात 10 बजे उसे पिलर नंबर 154 के पास हाथ-पैर बांधकर छोड़ दिया तथा ट्रक लेकर फरार हो गए। इसके बाद उसने किसी पिकअप चालक के मोबाइल से अपने भाई को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी मिली।

घटना की सूचना मिलते ही पापड़दा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्ट एरिया तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने भांडारेज सहित अन्य टोल प्लाजा के कैमरों और ट्रक के फास्टैग रिकॉर्ड की भी जांच की। जांच में सामने आया कि ट्रक रात करीब 10:58 बजे फिरोजपुर झिरका टोल पार कर चुका था।

सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के अध्ययन के दौरान पुलिस को परिवादी के बयानों पर संदेह हुआ। इसके बाद माहिर आजाद से गहन पूछताछ की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि माहिर आजाद ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर ट्रक लूटने की योजना बनाई थी। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार उसके साथी आलूदा रेस्ट एरिया में पहले से मौजूद थे और योजना के तहत ट्रक को माल सहित वहां से ले जाया गया।

लूट की झूठी कहानी को वास्तविक दिखाने के लिए माहिर आजाद के हाथ-पैर बांधकर उसे पिलर नंबर 154 के पास छोड़ दिया गया। इसके बाद उसने पुलिस के सामने खुद को लूट का शिकार बताते हुए अज्ञात बदमाशों द्वारा ट्रक लूटे जाने की कहानी सुनाई।

पुलिस ने परिवादी की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया और 24 घंटे के भीतर लूटे गए ट्रक को फिरोजपुर झिरका से बरामद करने में सफलता हासिल की। पुलिस अब साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।

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