दुर्गा पूजा पर दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का बड़ा तोहफा, छह विशेष जॉयराइड सेवाएं शुरू
दुर्गा पूजा पर दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे छह विशेष जॉयराइड शुरू करेगा। जानें ट्रेनें, समय, किराया और “मुक्त धारा” सेवा की खासियत।

तस्वीर में दार्जिलिंग की पहाड़ियों के बीच से गुजरती दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की टॉय ट्रेन दिखाई दे रही है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के अंतर्गत यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) आगामी दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान पर्यटकों के लिए 1 अक्टूबर 2026 से छह विशेष अतिरिक्त जॉयराइड सेवाएं शुरू करेगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को दार्जिलिंग की मनोरम पहाड़ियों में ऐतिहासिक रेलवे यात्रा, प्राकृतिक दृश्यों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कराने का अवसर देना है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए डीएचआर दार्जिलिंग और घूम के बीच चार एकतरफा जॉयराइड सेवाएं संचालित करेगा। दार्जिलिंग से घूम के लिए ट्रेनें 09:20 बजे और 11:25 बजे रवाना होंगी, जबकि घूम से दार्जिलिंग के लिए सेवाएं 10:25 बजे और 12:30 बजे प्रस्थान करेंगी। इन सेवाओं का संचालन डीजल इंजन वाली ट्रेनों से किया जाएगा और प्रस्तावित किराया 800 रुपये प्रति एकतरफा यात्रा होगा।
इसके अलावा, डीएचआर कार्सियांग और महानदी के बीच दो विशेष आवागमन जॉयराइड सेवाएं शुरू करेगा। इससे यात्रियों को दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के सबसे मनोरम और समृद्ध विरासत वाले खंडों में से एक का अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
पहली सेवा “रेड पांडा” भाप इंजन से संचालित होगी। यह कार्सियांग से 09:00 बजे रवाना होगी और महानदी से 10:00 बजे वापसी करेगी। इस आवागमन यात्रा का प्रस्तावित किराया 1,530 रुपये होगा।
दूसरी आवागमन जॉयराइड सेवा “मुक्त धारा” डीजल इंजन से संचालित होगी। यह कार्सियांग से 15:15 बजे रवाना होगी, जबकि महानदी से इसकी वापसी यात्रा 16:00 बजे होगी। इस आवागमन यात्रा का प्रस्तावित किराया 1,030 रुपये होगा।
भारत के प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि के रूप में इस सेवा का नाम “मुक्त धारा” रखा गया है। टैगोर की प्रसिद्ध कविता ‘मुक्त धारा’ पगलाझोरा की प्राकृतिक सुंदरता से जुड़ी है, जिससे इस नई सेवा में विशिष्ट साहित्यिक और सांस्कृतिक आयाम जुड़ता है।
इन विशेष जॉयराइड सेवाओं की शुरुआत बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के साथ डीएचआर की समृद्ध विरासत के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रयासों को और मजबूत करेगी। ये सेवाएं पर्यटकों को विरासत रेल यात्रा, भाप इंजन तकनीक, मनमोहक पहाड़ी परिदृश्य और दार्जिलिंग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम का अनुभव कराने का अवसर देंगी।
नियमित संचालन शुरू होने से पहले सितंबर के अंत में स्टेशन महोत्सव की पूर्व संध्या पर महानदी रेलवे स्टेशन पर “मुक्त धारा” का एक विशेष परिचालन आयोजित किया जाएगा।
दुर्गा पूजा के दौरान शुरू की जा रही यह पहल दार्जिलिंग के पर्वतीय क्षेत्र में पर्यटन को और बढ़ावा देगी। विशेष सेवाओं के माध्यम से यात्रियों को ऐतिहासिक रेल यात्रा, प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। डीएचआर इन सेवाओं के माध्यम से इतिहास, प्रकृति और पर्वतीय क्षेत्र के शाश्वत आकर्षण से जुड़ा समृद्ध एवं यादगार यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।

