जयपुर के किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे कस्टम हायरिंग सेन्टर, कम लागत में आधुनिक खेती से संवर रही है तकदीर
जयपुर में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों पर राजस्थान कृषि तकनीक मिशन के तहत 120 कस्टम हायरिंग सेन्टर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लघु एवं सीमान्त किसानों को कम किराए पर आधुनिक कृषि यंत्र जैसे ट्रैक्टर और रोटावेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कृषि लागत में कमी और आय में वृद्धि हो रही है। डिजिटल युग में राजकिसान ऐप से यंत्रों की बुकिंग अब और भी आसान हो गई है।

जयपुर। राजस्थान की गुलाबी नगरी के खेतों में अब आधुनिकता की नई इबारत लिखी जा रही है, जहाँ हल और बैल की पुरानी तस्वीरों की जगह आधुनिक मशीनों की गूंज ने किसानों के जीवन में समृद्धि का नया सवेरा ला दिया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजनरी नेतृत्व में राजस्थान कृषि तकनीक मिशन ने एक ऐसी क्रांति का सूत्रपात किया है, जो आने वाले समय में प्रदेश के अन्नदाताओं की आय दोगुनी करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। जयपुर जिले के सुदूर गांवों तक पहुँच रहे 'कस्टम हायरिंग सेन्टर' अब केवल सरकारी योजना मात्र नहीं, बल्कि उन लघु एवं सीमान्त किसानों का सहारा बन गए हैं जो महंगे कृषि यंत्र खरीदने का सपना भी नहीं देख सकते थे।
इस अभिनव पहल के केंद्र में सहकारिता विभाग की ग्राम सेवा सहकारी समितियाँ हैं, जिन्हें अत्याधुनिक कस्टम हायरिंग सेन्टरों के रूप में तब्दील कर दिया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को बेहद सुलभ और रियायती दरों पर वह तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है, जो पहले केवल बड़े काश्तकारों तक सीमित थी। योजना की पारदर्शिता और सटीक क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए एक जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है, जो यंत्रों के चयन से लेकर उनकी सतत निगरानी तक का कार्य देख रही है।
इन केंद्रों पर उपलब्ध शक्ति केवल ट्रैक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की मिट्टी और फसलों की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझते हुए रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड-कम-फर्टिलाइजर ड्रिल, एम.बी. प्लाउ और थ्रेशर जैसे उन्नत उपकरण भी तैनात किए गए हैं। तकनीक को सुलभ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रशासन ने 'राजकिसान कस्टम हायरिंग ऐप' के माध्यम से बुकिंग की डिजिटल व्यवस्था की है, जिससे अब किसान अपने घर बैठे ही अपनी जरूरत के अनुसार मशीनों को बुक कर सकते हैं।
दि जयपुर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के अंतर्गत वर्तमान में जयपुर क्षेत्र में 120 कस्टम हायरिंग सेन्टर पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। ये केंद्र न केवल कृषि लागत में भारी कमी ला रहे हैं, बल्कि कृषि कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता में भी क्रांतिकारी सुधार कर रहे हैं। इस योजना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब सरकार की मंशा और तकनीक का तालमेल होता है, तो आर्थिक रूप से कमजोर किसान भी आधुनिक कृषि के पथ पर मजबूती से कदम बढ़ा सकता है। यह पहल न केवल जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक प्रहार है।

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