राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में सामाजिक विज्ञान संकाय के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा "एनएसएसओ एंड एनएफएचएस डेटा एनालाइसिस फॉर एम्पिरिकल रिसर्च यूसिंग एसटीएटीए" विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन कुलपति प्रो आनंद भालेराव के मार्गदर्शन में 25 से 26 फरवरी 2026 तक किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को NSSO, NFHS और PLFS जैसे बड़े स्तर के यूनिट-लेवल डेटा सेट्स को STATA सॉफ्टवेयर के माध्यम से संभालने और विश्लेषण करने की क्षमता प्रदान करना था।

कार्यशाला का भव्य उद्घाटन और प्रथम दिवस की गतिविधियाँ

इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय के ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश देवल ने किया। कार्यशाला के प्रथम दिवस पर डॉ. प्रताप चंद्र मोहंती, आईआईटी रुड़की ने संसाधन व्यक्ति के रूप में चार गहन सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में बड़े सर्वेक्षण डेटाबेस का परिचय एवं अन्वेषण, STATA के माध्यम से NSS डेटा का निष्कर्षण एवं संयोजन, मिसिंग वैल्यूज़ (अनुपस्थित मान), वेट्स (भार) तथा समग्र सूचकांक का निर्माण एवं STATA का उपयोग करते हुए प्रभाव मूल्यांकन की विधियाँ जैसे विषयों पर गहन रूप से चर्चा की गई। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. अभ्धुत देहेरी, सहायक आचार्य, अर्थशास्त्र विभाग द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

डेटा-आधारित अनुसंधान और द्वितीय दिवस के तकनीकी सत्र

उपस्थित सभी वक्ताओं ने NSSO, PLFS और NFHS जैसे बड़े सर्वेक्षण डेटाबेस के समकालीन शोध में बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को डेटा-आधारित अनुभवजन्य शोध में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के द्वितीय दिवस बिट्स पिलानी के अर्थशास्त्र एवं वित्त विभाग के सहायक आचार्य डॉ. बालकृष्ण पाढ़ी ने PLFS डेटासेट पर आधारित चार सत्र आयोजित किए। इन सत्रों में श्रम बाजार मापन की संकल्पनात्मक रूपरेखा, PLFS यूनिट-लेवल डेटा का निष्कर्षण एवं संयोजन, भारत एवं राजस्थान में रोजगार संरचना का विश्लेषण तथा मजदूरी, आय एवं श्रम बाजार असमानता का विश्लेषण जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

समापन सत्र और मुख्य अतिथि का विशेष व्याख्यान

कार्यशाला के समापन सत्र में बीकानेर विकास प्राधिकरण के उप आयुक्त श्री कुनाल राहड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने "व्हाय स्मार्ट पीपल मेक डम्ब डिसीज़न्स: ए बिहेवियरल इकोनॉमिक्स ब्रेकडाउन" विषय पर अत्यंत रोचक एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया, जिसे प्रतिभागियों द्वारा अत्यधिक सराहा गया। इसी कड़ी में डॉ. सुरेश कुमार पात्रा ने दो दिवसीय कार्यशाला का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रमुख सीख एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों—अर्थशास्त्र, सोसाइटी-टेक्नोलॉजी इंटरफेस, प्रबंधन, तथा पब्लिक पॉलिसी, लॉ एंड गवर्नेंस के साथ-साथ चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थानों से कुल 61 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

आयोजक मंडल और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

इस दौरान प्रो. अमिताभ श्रीवास्तव, अधिष्ठाता, सामाजिक विज्ञान संकाय एवं कार्यशाला के मुख्य सलाहकार, डॉ. प्रगति जैन, अध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग एवं आयोजन अध्यक्ष तथा डॉ. सुरेश कुमार पात्रा, कार्यशाला संयोजक उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंकुर जांगिड़ द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर आयोजन अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, मुख्य सलाहकार अधिष्ठाता, PPLG, DSTI, सोशल वर्क तथा अन्य विभागों के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau

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