राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय ने पीएचडी शोधार्थियों के लिए शुरू की नई फेलोशिप योजना
नॉन-नेट फेलोशिप प्राप्त शोधार्थियों को प्रति माह ₹5,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता और ₹10,000 की आकस्मिक सहायता दी जाएगी।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूराज) का मुख्य परिसर भवन, जहां शैक्षणिक सत्र 2025 से पीएचडी शोधार्थियों के लिए 'कुलपति सीयूराज रिसर्च Promotion स्कीम' शुरू की गई है।
राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025 से प्रवेश लेने वाले पीएच.डी. शोधार्थियों के लिए एक ऐतिहासिक एवं छात्र-केंद्रित पहल करते हुए “कुलपति सीयूराज रिसर्च प्रमोशन स्कीम” प्रारंभ करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव द्वारा प्रारंभ की गई यह योजना शोधार्थियों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उन्हें बिना किसी वित्तीय चिंता के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रेरित करने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है। यह निर्णय विश्वविद्यालय में अनुसंधान, नवाचार एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता की संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास माना जा रहा है।
यह योजना विशेष रूप से नॉन-नेट फेलोशिप प्राप्त शोधार्थियों के लिए प्रारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करना तथा विश्वविद्यालय में उच्च गुणवत्ता वाले शोध को प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत पात्र शोधार्थियों को वर्तमान नॉन-नेट फेलोशिप के अतिरिक्त प्रति माह ₹5,000 की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही शोध संबंधी व्ययों हेतु ₹10,000 की अतिरिक्त आकस्मिक सहायता (Contingency Grant) भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह अनुभव किया कि वर्तमान नॉन-नेट फेलोशिप राशि शोधार्थियों की शैक्षणिक एवं दैनिक आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी कारण यह पहल शुरू की गई है, ताकि मेधावी विद्यार्थियों को शोध के प्रति आकर्षित किया जा सके और विश्वविद्यालय में नवाचार, शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं अनुसंधान की सशक्त संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि शोधार्थियों में किया गया निवेश, ज्ञान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के भविष्य में किया गया निवेश है।
योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रथम सेमेस्टर के दौरान शोधार्थियों को कोर्सवर्क अवधि में यूजीसी की वर्तमान नॉन-नेट फेलोशिप के अंतर्गत ₹8,000 प्रतिमाह की राशि प्राप्त होती रहेगी। द्वितीय सेमेस्टर से पात्र शोधार्थियों को अतिरिक्त ₹5,000 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जाएगी। तृतीय सेमेस्टर से आगे यह सहायता पीएच.डी. कार्यक्रम के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के प्रारंभ में होने वाली वार्षिक प्रगति समीक्षा के आधार पर जारी रहेगी। योजना के अंतर्गत पात्रता एवं मूल्यांकन प्रक्रिया की निगरानी एक सुव्यवस्थित तंत्र के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।
“कुलपति सीयूराज रिसर्च प्रमोशन स्कीम” के अंतर्गत सहायता प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के लिए विश्वविद्यालय में न्यूनतम तीन वर्ष तक अध्ययन जारी रखना अनिवार्य होगा। यदि कोई शोधार्थी निर्धारित अवधि पूर्ण होने से पूर्व त्यागपत्र, स्थानांतरण अथवा किसी अन्य कारण से कार्यक्रम छोड़ता है, तो विश्वविद्यालय द्वारा योजना के अंतर्गत प्रदान की गई अतिरिक्त सहायता राशि वापस करनी होगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों में विश्वविद्यालय प्रशासन मामले-दर-मामले के आधार पर राहत प्रदान करने पर विचार कर सकता है। इसके बावजूद शोधार्थी वर्तमान नियमों के अनुसार नियमित यूजीसी नॉन-नेट फेलोशिप प्राप्त करने के पात्र रहेंगे।
इस योजना के शुभारंभ से विश्वविद्यालय में अनुसंधान गतिविधियों को महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है। यह पहल सीयूराज को शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनुसंधान के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
