राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में 76वाँ वार्षिक आईएसएएस सम्मेलन अकादमिक गरिमा के साथ संपन्न

भारतीय कृषि सांख्यिकी सोसायटी (ISAS) का प्रतिष्ठित 76वाँ वार्षिक सम्मेलन राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय (CURAJ) में आज गरिमामय समापन सत्र के साथ संपन्न हुआ।


सम्मेलन का मुख्य विषय और उद्देश्य

यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन “विकसित भारत @ 2047 की दिशा में विज्ञान और समाज को जोड़ने हेतु डेटा-आधारित निर्णय” विषय पर केंद्रित रहा, जिसमें गहन शैक्षणिक विमर्श हुए।

समापन सत्र और अनुभव साझाकरण

समापन सत्र के दौरान देशभर से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा सम्मेलन के सौहार्दपूर्ण आतिथ्य और उत्कृष्ट आयोजन व्यवस्था की मुक्तकंठ से सराहना की।

माननीय कुलपति का संबोधन

"ऐसे राष्ट्रीय मंच शैक्षणिक अनुसंधान को सामाजिक आवश्यकताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डेटा-आधारित दृष्टिकोण और सांख्यिकीय नवाचार विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय विज़न को साकार करने के प्रमुख साधन हैं।"

उन्होंने इस प्रतिष्ठित सम्मेलन की मेजबानी के लिए ISAS द्वारा CURAJ को चुने जाने पर आभार व्यक्त किया।

संयोजक का आभार प्रदर्शन

अपने समापन संबोधन में प्रो. जितेन्द्र कुमार, संयोजक, ISAS-2026 ने:

  • माननीय कुलपति के निरंतर मार्गदर्शन एवं संस्थागत सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
  • सम्मेलन के सफल आयोजन में योगदान देने वाले संकाय सदस्यों एवं उत्साही छात्र स्वयंसेवकों के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

सम्मेलन के प्रमुख आकर्षण और नवाचार

ISAS-2026 की महत्वपूर्ण उपलब्धियां निम्नलिखित रहीं:

  • राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में जनगणना अनुसंधान कार्यस्थान का उद्घाटन रहा, जिसका उद्देश्य अनुसंधान एवं डेटा-आधारित सुशासन को सुदृढ़ करना है।
  • बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से किसान संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिससे शोध और जमीनी स्तर पर नीतियों के क्रियान्वयन के बीच सेतु स्थापित हुआ।
  • उद्योग–अकादमिक संवाद के माध्यम से कृषि सांख्यिकी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों की बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया।

प्रतिभागी एवं चर्चा के मुख्य बिंदु

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख सांख्यिकीविद्, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद् एवं नीति-निर्माता शामिल थे।

विभिन्न सत्रों में निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई:

  • साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण।
  • कृषि नियोजन।
  • राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सांख्यिकीय एवं संगणकीय उपकरणों की भूमिका।

सहयोग एवं ज्ञान-विनिमय

सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों को उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रस्तुतियों का लाभ मिला तथा वरिष्ठ सांख्यिकीविदों के साथ सार्थक संवाद के अवसर प्राप्त हुए, जिससे विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग एवं ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा मिला।

निष्कर्ष

ISAS-2026 का सफल आयोजन विकसित भारत @ 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप अंतर्विषयक अनुसंधान, डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया तथा विज्ञान और समाज के बीच सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करने की दिशा में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।

Pratahkal Newsroom

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