अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर देशभर के सहकारी बैंक कर्मियों का मांग दिवस, योग्य एमडी नियुक्ति समेत कई प्रमुख मांगें उठीं
अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर देशभर के सहकारी बैंक कर्मियों ने मांग दिवस मनाकर योग्य एमडी नियुक्ति, डिजिटल बैंकिंग और पेंशन सहित कई अहम मांगें उठाईं।

अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर 4 जुलाई 2026, शनिवार को ऑल इंडिया कोऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन (एआईसीबीईएफ) के राष्ट्रीय आह्वान पर देशभर के सहकारी बैंक कर्मियों ने मांग दिवस मनाते हुए सहकारी बैंकों में योग्य एवं उपयुक्त प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त करने सहित बैंकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने से जुड़ी विभिन्न मांगें उठाईं।
ऑल इंडिया कोऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा ऑल राजस्थान कोऑपरेटिव बैंक एम्प्लाइज यूनियन और ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रान्तीय महासचिव एवं सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 4 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर देशभर के सहकारी बैंक एवं पैक्स कार्मिकों ने इसे मांग दिवस के रूप में मनाया। उन्होंने कहा कि एम-पैक्स, सीसीबी, अपैक्स बैंक तथा भूमि विकास बैंक सहित “पैक्स से अपैक्स” तक आर्थिक सुदृढ़ता कायम करने, किसानों को समुचित फसली ऋण उपलब्ध कराने, सहकारी बैंकों में कुशल प्रबंधकीय व्यवस्था स्थापित करने, भूमि विकास बैंकों का आर्थिक पुनरुत्थान करने, नवाचार तकनीक लागू करने तथा सहकारिता से समृद्धि के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) तथा नाबार्ड से प्रमुख मांगें की गई हैं।
आमेरा ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर सहकारी साख आंदोलन, किसान और कृषि हितों को ध्यान में रखते हुए यूनियन ने सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (सीसीबी) का अपैक्स बैंक में विलय कर एक सशक्त राज्य सहकारी बैंक के गठन की मांग की है। इसके साथ ही एमडी की नियुक्ति में आरबीआई के “फिट एंड प्रॉपर” मानदंडों का पालन सुनिश्चित करने, सभी सहकारी बैंकों में अत्याधुनिक डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं शुरू करने, पर्याप्त पूंजी सहायता एवं कृषि ऋण के लिए समुचित पुनर्वित्त उपलब्ध कराने, सीएमए एक्सपोजर मानदंडों का पुनरीक्षण करने तथा कठोर ऋण वसूली नीति लागू करने की मांग भी उठाई गई है।
विज्ञप्ति के अनुसार सभी सहकारी बैंक कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित पेंशन योजना लागू करने, सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में एक समान सेवा नियम एवं वेतन संरचना लागू करने, ट्रेड यूनियन एवं कर्मचारी अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित करने तथा पूर्वोत्तर राज्यों में सहकारी बैंकों को मजबूत करने के लिए अलग परिचालन दिशानिर्देश तैयार करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई है। इसके अलावा जानबूझकर ऋण नहीं चुकाने वालों से बकाया वसूली सुनिश्चित करने तथा धोखेबाजों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।
सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा ने कहा कि सहकारिता से समृद्धि के लक्ष्य को जमीनी स्तर पर साकार करने के लिए मांग दिवस के दौरान उठाए गए सभी मुद्दों पर भारत सरकार, राज्य सरकारों, आरबीआई और नाबार्ड को गंभीरता से ध्यान देते हुए उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

Pratahkal Bureau
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