जयपुर के राजापार्क स्थित आदर्श विद्या मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर में आज एक नवीन शैक्षिक युग का सूत्रपात हुआ। विद्यालय परिसर में नवनिर्मित अत्याधुनिक बहुउद्देशीय ऑडिटोरियम का लोकार्पण संपन्न हुआ, जिसके साथ ही सीबीएसई (CBSE) अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का भी गरिमामय उद्घाटन किया गया। इस भव्य समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय संघ चालक रमेश अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और समाजसेवी वेदव्रत गुप्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मंगल शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ भारती और माँ सरस्वती के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। प्रबंध समिति के प्रो. राजीव सक्सेना, संजीव भार्गव, राजेश बड़गुर्जर, सुनील गर्ग और अनिल लोढ़ा ने आगंतुक अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह के दौरान संयोजक राजेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि विद्यालय के श्रेष्ठ विद्यार्थियों, उत्कृष्ट परिणाम देने वाले शिक्षकों और भामाशाहों—राजेश अग्रवाल, हर्ष बावेजा, योगेश धानुका एवं अभिनव बांठिया को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रमेश चंद्र अग्रवाल ने भारतीय ऋषियों के दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल उदर पूर्ति नहीं, बल्कि मनुष्य का 'नर से नारायण' बनना है। उन्होंने परिवेश के महत्व पर बल देते हुए कहा कि सत्यवादिता, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और समय पालन जैसे संस्कार विद्या मंदिर की नींव हैं। उन्होंने आह्वान किया कि माध्यम चाहे जो भी हो, संस्कार सिंचन अनिवार्य है और हमें इस विद्यालय को गुणात्मक व संख्यात्मक रूप से और सुदृढ़ करना है।

उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने इस अवसर को शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि विद्या भारती द्वारा संचालित यह संस्थान सदैव संस्कार युक्त शिक्षा का केंद्र रहा है और यहाँ सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम का प्रारंभ होना एक ऐतिहासिक कदम है, जो बालक के सर्वांगीण विकास और चरित्र निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विद्यालय से अपने पुराने आत्मीय संबंधों को स्मरण करते हुए कहा कि 1947 के विभाजन के बाद विस्थापित बंधुओं के कठोर परिश्रम से स्थापित यह विद्यालय आज राष्ट्रभक्ति का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि यहाँ सेवा देने वालों का ध्येय धनार्जन नहीं बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आदर्श विद्या मंदिर हमारी संस्कृति और विचारों का केंद्र है, जो विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाने का कार्य निरंतर कर रहा है।

सचिव संजीव भार्गव ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि विद्यालय में 20,000 पुस्तकों का पुस्तकालय और छात्रावास जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यालय की गौरवशाली उपलब्धियों का विवरण देते हुए बताया कि पिछले 72 वर्षों में यहाँ से निकले 650 डॉक्टर, 3100 इंजीनियर, 220 सीए, 200 सीएस, 125 एमबीए और 90 प्रशासनिक अधिकारी देश की सेवा कर रहे हैं। वर्तमान में संचालित तीन विद्यालयों में 1560 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय है कि नवनिर्मित ऑडिटोरियम का निर्माण राजीव गुप्ता और राजेश अग्रवाल के कंप्यूटेक्स फाउंडेशन के सहयोग से कराया गया है।

समारोह में संघ प्रचारक निम्बाराम, बाबूलाल, मूलचंद, जुगल किशोर, शिव लहरी, विशाल सहित विधायक गोपाल शर्मा, बालमुकुंद आचार्य, अशोक परनामी, अजय पाल सिंह, रवि नय्यर, अमित गोयल, पुनीत कर्णावट, एकता अग्रवाल, स्वाति परनामी, अशोक भगत, नीरज अग्रवाल, डॉ. एम.एल. स्वर्णकार और डॉ. एस.एस. अग्रवाल उपस्थित रहे। साथ ही पूर्व विद्यार्थी डॉ. सुधीर सचदेवा, डॉ. विजय पाठक, डॉ. दिनेश गुप्ता, डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. नरेश लेडवानी, मनीष शर्मा, राजेश गुप्ता और गुलशन मक्कड़ ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। व्यवस्थाओं के संचालन में डायरेक्टर रीता भार्गव, प्रभारी वंदना मेहरोत्रा, वैद्य केदार शर्मा, पुष्कर उपाध्याय, अमर नाथ चंगोत्रा, राजन सिंह, देवेंद्र गुप्ता, राजीव जैन, अजय गुप्ता, राज शर्मा, हरी शंकर खंडेलवाल, कामेश जोशी, तुलसी संगतानी और डॉ. निधि का सक्रिय सहयोग रहा। मंच का कुशल संचालन सृष्टि सेठी और उपेंद्र मिश्रा ने किया।

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