उत्तर पश्चिम रेलवे: चूरू-रतनगढ़ रेलखंड पर अब 110 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
बीकानेर मंडल के 45 किमी खंड की क्षमता 90 से बढ़ाकर 110 किमी प्रति घंटा की गई, सिग्नलिंग और ट्रैक उन्नयन से यात्रा समय में होगी बचत।

उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेल परिचालन को तीव्र, सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बीकानेर मंडल के चूरू-रतनगढ़ दोहरी लाइन रेलखंड की गति क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। रेलवे द्वारा इस महत्वपूर्ण खंड पर ट्रेनों की रफ्तार को 90 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर अब 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, चूरू-रतनगढ़ दोहरी लाइन के किलोमीटर संख्या 280 से किलोमीटर 325 तक के कुल 45 किलोमीटर लंबे रेलखंड की सेक्शनल स्पीड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक संचालित करने का आधिकारिक अनुमोदन प्राप्त हो गया है।
इस रणनीतिक विकास के पीछे ट्रैक उन्नयन, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग प्रणाली का अपग्रेडेशन और विभिन्न तकनीकी सुधारों के साथ-साथ आवश्यक संरचनात्मक कार्यों की अहम भूमिका रही है। आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली की स्थापना से न केवल ट्रेन संचालन अधिक विश्वसनीय हुआ है, बल्कि सुरक्षा मानकों (संरक्षा) को भी नई मजबूती मिली है। इसके अतिरिक्त, इस रेलखंड पर पहले से लागू कई गति प्रतिबंधों को भी हटा दिया गया है, जिससे सुचारू रेल यातायात सुनिश्चित होगा। सेक्शन की गति सीमा में इस बढ़ोतरी से यात्रियों के यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और भविष्य में इस खंड पर अधिक ट्रेनों का संचालन भी संभव हो सकेगा। बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की यह पहल न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास के द्वार भी खोलेगी।

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