वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्र गौरव के प्रतीक मेवाड़ के महान शासक महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर राजकीय महाविद्यालय, बदनौर की छात्राओं ने ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कर राजस्थान की समृद्ध विरासत को निकट से जाना। इस यात्रा के दौरान छात्राओं ने चित्तौड़गढ़ दुर्ग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन कर इतिहास, संस्कृति और परंपराओं की जानकारी प्राप्त की।

महाविद्यालय प्रभारी डॉ. नरेंद्र कुमार साद के नेतृत्व में विद्यार्थियों का दल बुधवार को सहायक आचार्य रमेशचन्द भोजवानी के साथ शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना हुआ। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने चित्तौड़गढ़, जांतला माता मंदिर, सांवलिया सेठ मांडफिया तथा देवनारायण धाम के दर्शन किए।

चित्तौड़गढ़ दुर्ग पहुंचकर छात्राओं ने राजस्थान के गौरवशाली इतिहास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने कीर्ति स्तंभ, जौहर स्थल, चामुंडा माता मंदिर, कुंभाश्याम मंदिर, शिव मंदिर तथा विजय स्तंभ सहित अन्य प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों को देखा और उनके ऐतिहासिक महत्व को समझा। इस अवसर पर राजस्थान के वीर योद्धाओं के शौर्य और बलिदान की अमर गाथाओं से परिचित होने का अवसर भी विद्यार्थियों को मिला, जिससे उनमें राष्ट्रभावना का संचार हुआ।

भ्रमण के दौरान छात्राओं ने चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध गौमुख कुंड के दर्शन किए तथा रानी पद्मावती के महल और उनकी प्रतिमा का अवलोकन कर उनके जौहर की ऐतिहासिक गाथा के बारे में जानकारी प्राप्त की। यात्रा के दौरान छात्राओं का अनुशासन, व्यवहार और सहभागिता सराहनीय रही।

यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ, जिसने उन्हें राजस्थान की गौरवशाली विरासत और बलिदानी परंपराओं से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान किया।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story