जयपुर, एक फरवरी। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने रविवार को अजमेर जिले के किशनगढ़ उपखंड स्थित ग्राम बांदरसिंदरी में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागीय योजनाओं के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को चेक एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए तथा काश्तकारों से संवाद कर सरकार की कृषक हितैषी योजनाओं से उन्हें मिल रहे लाभों की जानकारी ली।


ग्राम उत्थान शिविर और ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (GRAM) 2026

मुख्य सचिव ने कहा कि "माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार किसानों को केंद्र में रखते हुए प्रदेशभर में ग्राम उत्थान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।" इन शिविरों के पश्चात जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट ग्राम 2026 का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें किसानों को खेती एवं पशुपालन की आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जाएगा।


तकनीक से किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण

उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों का परिदृश्य बदल रहा है और किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि:

  • पॉलीहाउस तकनीक से किसान प्रतिवर्ष 10 से 20 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं।
  • पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर प्लांट स्थापित कर किसान न केवल अपनी बिजली जरूरतें पूरी कर रहे हैं बल्कि अतिरिक्त बिजली बेचकर आय भी प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करना है तथा दिन में विद्युत उपलब्ध कराना इस दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने राजीविका महिला स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं भी कृषि व ऊर्जा क्षेत्र में सशक्त भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।


योजनाओं का लाभ और मौके पर स्वीकृतियां

शिविर में किसानों से पॉलीहाउस, मछली पालन, फार्म पॉण्ड, तारबंदी एवं पीएम सूर्य घर योजना से मिल रहे लाभों की जानकारी ली गई। किसानों ने बताया कि इन योजनाओं से उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्य सचिव, संभागीय आयुक्त एवं जिला कलक्टर ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं स्वीकृति पत्र सौंपे। शिविर के दौरान मौके पर ही निम्नलिखित स्वीकृतियां प्रदान की गईं:

  • फार्म पॉण्ड के 2 प्रकरण।
  • कृषि यंत्र के 2 प्रकरण।
  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड के 5 प्रकरण।
  • सोलर पंप के 4 प्रकरण।
  • पॉलीहाउस योजना के अंतर्गत चयनित कृषकों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां।

शिविर में दिनभर सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राम प्रकाश, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वंदना खोरवाल, उपखंड अधिकारी श्री रजत यादव सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।


सोलर, लखपति व राजीविका दीदीयों से संवाद: "आत्मनिर्भर बनें महिलाएं"

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने रविवार को तिलोनिया में लखपति, सोलर एवं राजीविका दीदीयों से संवाद किया। उन्होंने इन योजनाओं से जुड़ी महिलाओं को स्वावलम्बी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। यहाँ की मुख्य गतिविधियां निम्न रहीं:

  • 10 राजीविका दीदीयों को टैबलेट वितरित किए गए।
  • मुख्य सचिव ने सोलर दीदी प्रशिक्षण का अवलोकन किया।
  • सोलर मास्टर ट्रेनर मगन कंवर ने "लर्निंग बाय डूइंग" आधारित सोलर प्रशिक्षण मॉडल का प्रदर्शन किया।
  • सोलर दीदी सिमरन ने वोल्ट, वाट एवं एम्पीयर संबंधी तकनीकी जानकारी प्रस्तुत की, जिससे मुख्य सचिव अत्यंत प्रभावित हुए।
"तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन भविष्य की आवश्यकता है और हर क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर संयंत्रों के रखरखाव में सोलर दीदी की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।"

राज्य सरकार द्वारा 25 हजार सोलर दीदी तैयार करने की बजट घोषणा से महिला सशक्तीकरण के लिए प्रभावी पहल हुई है, जिसे राजीविका के सहयोग से और अधिक विस्तार दिया जाएगा।

मुख्य सचिव ने महिलाओं का आह्वान किया कि "स्वावलम्बी बनें और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें। राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।" गौरतलब है कि तिलोनिया स्थित समाज कार्य अनुसंधान केन्द्र व राजीविका के मध्य हुए एमओयू के तहत यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित है।

Pratahkal Newsroom

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