चेटीचंड मेले में अजमेर रवि भगत ने सिंधी भक्ति प्रस्तुत की
जयपुर में चेटीचंड सिंधी मेला समिति के आयोजन में अजमेर की रवि भगत एंड पार्टी ने सिंधी भगत प्रस्तुत किया। संत कंवर राम की भक्ति, संगीत और समाज सेवा संदेश दर्शकों को भाव-विभोर कर गया। यह कार्यक्रम सिंधी संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम था।

जयपुर, 7 मार्च 2026: चेटीचंड सिंधी मेला समिति, महानगर जयपुर द्वारा आयोजित पखवाड़ा कार्यक्रमों की श्रृंखला में शनिवार शाम 6:30 बजे स्थानीय नाहरी का नाका, सिंधु नगर के सर्वानंद हॉल में सिंधी भगत का भव्य आयोजन किया गया। अध्यक्ष नरेंद्र मूलचंदानी और महासचिव प्रमोद नावानी ने बताया कि इस कार्यक्रम में अजमेर की रवि भगत एंड पार्टी ने अपनी प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के आयोजक नरेश कुमार मंघनानी और जितेंद्र लखवानी ने बताया कि रवि भगत ने सिंधी संस्कृति, भक्ति और लोक परंपराओं के माध्यम से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम में “नाले अलख जे बेड़ो तार मुंहिजो ..., मुहिजी बेड़ी अथई विच सीर ते ....” गीत गाकर संगत को मंत्रमुग्ध किया।
सिंधी समाज के महान संत भगत कंवर राम की “भगत” भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम मानी जाती है। उनकी भगत केवल भजन-कीर्तन नहीं थी, बल्कि ईश्वर प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश देने का माध्यम थी। संत कंवर राम जब भगत करते थे, तो ढोलक, ताली और मधुर सुरों के साथ भगवान के भजन और संतों की वाणी प्रस्तुत करते थे। उनकी मधुर आवाज सुनकर श्रोता भाव-विभोर हो जाते थे।
संत कंवर राम की भगत का मुख्य उद्देश्य लोगों के मन में ईश्वर के प्रति प्रेम जगाना और मानव सेवा की भावना पैदा करना था। वे अक्सर कहते थे कि गरीब और जरूरतमंद की सेवा ही सच्ची भक्ति है। भगत करते समय वे झोली फैला कर संगत के बीच जाते और जो धनराशि मिलती उसे परोपकार में लगा देते थे, कभी भी इसका व्यक्तिगत उपयोग नहीं करते थे।
संत कंवर राम की भगत में भक्ति के साथ-साथ समाज सुधार का संदेश भी निहित था। वे प्रेम, समानता और सद्भाव का उपदेश देते थे। इसी कारण उनकी भगत सिंध की धरती पर अत्यधिक लोकप्रिय हुई और आज भी सिंधी समाज में श्रद्धा के साथ याद की जाती है। आज भी जब संत कंवर राम की भगत गाई जाती है, तो भक्तों को उनके दिव्य व्यक्तित्व और भक्ति की याद ताजा हो जाती है।
चेटीचंड सिंधी मेला समिति, महानगर जयपुर द्वारा आयोजित यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह सिंधी समाज के पारंपरिक और आध्यात्मिक मूल्यों को आधुनिक दर्शकों तक पहुँचाने का प्रयास भी था।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
