जयपुर, 3 अगस्त। पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने चारागाह भूमि पर किए गए अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। वहीं, घुमंतू समुदाय के परिवारों को पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना नहीं हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग के सभागार में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री श्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे।

बैठक में मंत्री श्री दिलावर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारागाह भूमि पर किए गए अतिक्रमणों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सभी अतिक्रमणकारियों को 15 दिवस के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए जाएं। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।

मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो अधिकारी समय पर अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ भी नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अतिक्रमण हटाने की गई कार्रवाई को प्रभावी रूप से सार्वजनिक किया जाए। इसके लिए अतिक्रमणकारियों के नाम, विवरण तथा कार्रवाई से संबंधित फोटो एवं जानकारी स्थानीय समाचार पत्रों और अन्य मीडिया माध्यमों में प्रकाशित कराई जाए, जिससे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के प्रति जनजागरूकता बढ़े।

बैठक में घुमंतू समुदाय के परिवारों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। मंत्री श्री दिलावर ने कहा कि घुमंतू समुदाय के परिवारों के साथ मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय भी विभिन्न मामलों में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर विशेष बल दे चुका है। ऐसे में घुमंतू समुदाय के परिवारों को उचित पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना नहीं हटाया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए और आवश्यकता के अनुसार पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पंचायती राज मंत्री ने ग्राम पंचायतों में कार्यरत सुरक्षा गार्डों के लंबित भुगतान को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्डों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कराया जाए, ताकि कर्मचारियों को समय पर उनका पारिश्रमिक मिल सके। उन्होंने भुगतान में अनावश्यक विलंब करने वाले अथवा संविदा की शर्तों का पालन नहीं करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

श्री दिलावर ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषी एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में मंत्री कार्यालय से प्राप्त लंबित प्रकरणों की भी श्रेणीवार समीक्षा की गई। इसमें एक वर्ष से अधिक समय से लंबित, छह से बारह माह, तीन से पाँच माह, एक से तीन माह तथा एक माह तक के लंबित मामलों की स्थिति पर चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि मंत्री कार्यालय में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार समय पर समाधान किया जाए तथा लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि भविष्य में अनावश्यक विलंब की स्थिति उत्पन्न न हो।

बैठक में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में दिए गए निर्देशों के माध्यम से चारागाह भूमि संरक्षण, घुमंतू परिवारों के पुनर्वास और विभागीय लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story