राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय अंतर-विश्वविद्यालय सांस्कृतिक महोत्सव ‘कला-उत्सव 2026’ का 27 अक्टूबर 2026 को भव्य समापन हुआ। माननीय कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी नेतृत्व में 26 एवं 27 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस महोत्सव में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के लगभग 350 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नृत्य, संगीत, नाट्य और साहित्यिक विधाओं की 11 प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की विविधता प्रस्तुत करने का अवसर मिला।

महोत्सव के दौरान भव्य सांस्कृतिक रैली, भारतीय कला एवं संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी और 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित सांस्कृतिक संध्या प्रमुख आकर्षण रहे। सांस्कृतिक संध्या में कौस्तुभ एम. कुंज एवं उनकी टीम ने शानदार प्रस्तुति दी। वहीं, ओपेरा गायिका ओविया वोंडिविल्लु की मनमोहक प्रस्तुति ने संगीत कार्यक्रमों को विशेष रूप से समृद्ध किया। ओपेरा ओलंपिक्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं ओविया वोंडिविल्लु की प्रस्तुति कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही।

महोत्सव के अंतर्गत परिसर में स्वयं सहायता समूहों की ओर से विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय उद्यमिता, महिला सशक्तीकरण और स्वावलंबन को प्रोत्साहित किया गया। इसके अतिरिक्त, पुस्तक प्रेमियों के लिए पुस्तक स्टॉल और आगंतुकों के लिए विभिन्न खाद्य स्टॉल भी लगाए गए, जो महोत्सव के आकर्षण का केंद्र रहे।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए प्रतिष्ठित निर्णायकों को आमंत्रित किया गया था। निर्णायक मंडल में प्रो. रवि चतुर्वेदी, पंडित आनंद वैद्य, सुश्री तृप्ति बुंदेल, श्री अशोक शर्मा, डॉ. अनूप कुमार अत्रिया तथा सुश्री शैफाली सक्सेना शामिल थे। निर्णायकों के अनुभव और विशेषज्ञता ने प्रतियोगिताओं की गुणवत्ता एवं गरिमा को बढ़ाया।

महोत्सव की विभिन्न प्रतियोगिताओं में जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर, सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, अजमेर, राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय, सीकर, सोफिया कॉलेज, अजमेर (स्वायत्त) तथा राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न स्थान प्राप्त किए। सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं उपविजेताओं को सम्मानित किया गया।

समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भारतीय संस्कृति की विविधता को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। महोत्सव का समापन एक वृत्तचित्र की प्रस्तुति और भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती भव्य समापन नृत्य प्रस्तुति के साथ हुआ। इस नृत्य प्रस्तुति में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों के साथ योग की आकर्षक मुद्राओं को शामिल किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

27 अक्टूबर 2026 को आयोजित समापन समारोह में सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष डॉ. हेमलता मंगलानी ने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए माननीय कुलपति प्रो. आनंद भालेराव, प्रतिभागी विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों, विशिष्ट निर्णायकों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों, विद्यार्थी स्वयंसेवकों तथा आयोजन से जुड़ी सभी टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया।

‘कला-उत्सव 2026’ ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, कलात्मक उत्कृष्टता और ‘विविधता में एकता’ की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के विद्यार्थियों की भागीदारी, कला की विविध विधाओं में प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से यह दो दिवसीय महोत्सव एक यादगार आयोजन के रूप में अपनी छाप छोड़ गया।

Next Story