राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में 2 से 4 नवंबर, 2026 तक माइटोकॉन्ड्रिया और आधुनिक चिकित्सा से जुड़े नवीन वैज्ञानिक अनुसंधानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होगी। विश्वविद्यालय में माननीय कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के संरक्षण में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी “माइटोकॉन्ड्रिया एवं आधुनिक चिकित्सा: मानव स्वास्थ्य, रोग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)” का आयोजन किया जाएगा। यह संगोष्ठी भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की प्रतिष्ठित SPARC योजना के अंतर्गत आयोजित होगी।

इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में भारत और जर्मनी के प्रख्यात वैज्ञानिक, शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता एक मंच पर जुटेंगे। इस दौरान माइटोकॉन्ड्रियल अनुसंधान, मानव स्वास्थ्य, विभिन्न रोगों के तंत्र, आधुनिक चिकित्सा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वास्थ्य नवाचारों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

संगोष्ठी में जर्मनी के यूनिवर्सिटी ऑफ हाइडेलबर्ग एवं मैनहाइम इंस्टीट्यूट फॉर इननेट इम्यूनोसाइंस (MI3) से प्रो. क्रिश्चियन शुल्ज और डॉ. दिलराज कौर शैक्षणिक सहभागिता करेंगे। इनके साथ एम्स बठिंडा के डॉ. अभिनव कंवल भी शैक्षणिक चर्चाओं में प्रमुख रूप से भाग लेंगे।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के खेल जैवविज्ञान विभाग में सहायक आचार्य डॉ. शैलेन्द्र प्रताप सिंह को संगोष्ठी का आयोजन सचिव एवं सम्मेलन का प्रमुख अन्वेषक नियुक्त किया गया है।

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का प्रमुख उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना तथा बहुविषयक शोध को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही युवा शोधार्थियों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ संवाद करने और नवीन वैज्ञानिक अनुसंधान के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा। माइटोकॉन्ड्रियल चिकित्सा, मानव स्वास्थ्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वास्थ्य नवाचारों पर केंद्रित यह संगोष्ठी दोनों देशों के वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं के बीच अनुसंधान सहयोग को आगे बढ़ाने का मंच बनेगी।

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