झालावाड़/जयपुर, 22 दिसम्बर।

राजस्थान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर झालावाड़ जिले के दुधालिया में आयोजित महिला सशक्तीकरण सम्मेलन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त मंच बनकर उभरा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के बिना देश और प्रदेश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं को परिवार की आधारशिला और राष्ट्र निर्माण की सच्ची शिल्पकार बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की धरती रानी पद्मिनी, रानी कर्णावती और हाड़ी रानी जैसी वीरांगनाओं की गौरवशाली विरासत से समृद्ध है, जिनके शौर्य और त्याग ने प्रदेश को वीरभूमि के रूप में पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में गरीब, युवा, किसान और महिलाओं से संवाद किया जा रहा है और आज का यह सम्मेलन नारी शक्ति के सम्मान का उत्सव है।

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने झालावाड़ और बारां जिले के लिए कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएं कीं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 100 हैंडपंप, 50 ट्यूबवेल और 25 किलोमीटर पाइपलाइन के कार्यों की घोषणा की गई। डग चौमहला क्षेत्र में छोटी कालीसिंध नदी पर बांध निर्माण के लिए शीघ्र डीपीआर तैयार करने तथा डग स्थित पशु अनुसंधान केंद्र में स्वदेशी गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा भी की गई। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस केंद्र में आधुनिक डेयरी, प्रजनन और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति को सामाजिक बदलाव की अग्रदूत बताते हुए कहा कि आज महिलाएं सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बना रही हैं। खुरपी और दरांती से काम करने वाली महिलाओं के हाथों में अब टैबलेट और लैपटॉप हैं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर वे आर्थिक आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं।

महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 19 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर 12 लाख से ज्यादा लखपति दीदी बनाई गई हैं। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख से अधिक साइकिलें और 39 हजार से ज्यादा स्कूटियां वितरित की गईं। राज्य सरकार हर माह 1 करोड़ 22 लाख महिलाओं और बालिकाओं को निःशुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध करा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत देय राशि बढ़ाकर 6,500 रुपये की गई है, जिससे लगभग 10 लाख गर्भवती महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। इसके साथ ही मा वाउचर योजना और 500 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट के माध्यम से महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई मजबूती मिली है।

झालावाड़ जिले के विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत से 52 हजार से अधिक कार्य पूरे किए गए हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की डीबीटी की गई है। परवन वृहद बहुद्देशीय सिंचाई परियोजना और मनोहरथाना वृहद सिंचाई परियोजना सहित कई बड़ी योजनाओं से जिले की विकास गति को नया आयाम मिला है।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की। सांसद श्री दुष्यंत सिंह ने भी राज्य सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 78 लाख महिलाओं के खातों में 187 करोड़ 59 लाख रुपये और लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को पहली किश्त की राशि हस्तांतरित की। राजीविका स्वयं सहायता समूहों को 18 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण चेक वितरित किए गए। साथ ही, विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण कर जिले को नई सौगातें दी गईं।

सम्मेलन का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि नारी सशक्तीकरण केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। सरकार की योजनाएं और प्रतिबद्धता आने वाले समय में प्रदेश को समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

Pratahkal Newsroom

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