जयपुर में अतिक्रमण पर नगर निगम का सर्जिकल स्ट्राइक: 50 ठिकानों पर चला पीला पंजा, 8 ट्रक सामान जब्त
जयपुर नगर निगम ने शहर के 50 से अधिक प्रमुख स्थानों पर व्यापक अतिक्रमण निरोधक अभियान चलाकर अवैध कब्जों को ध्वस्त किया। आयुक्त के निर्देश पर परकोटे से लेकर आमेर रोड तक हुई इस कार्रवाई में 8 ट्रक सामान जब्त किया गया और जुर्माना वसूला गया। जयपुर को स्वच्छ और सुगम बनाने के लिए निगम का यह सख्त अभियान अब निरंतर जारी रहेगा।

जयपुर। गुलाबी नगरी की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त और सुगम बनाने के संकल्प के साथ सोमवार को नगर निगम प्रशासन का रौद्र रूप देखने को मिला। शहर के हृदय स्थल से लेकर बाहरी गलियारों तक फैले अवैध कब्जों पर नगर निगम ने निर्णायक प्रहार करते हुए 50 से अधिक स्थानों को अतिक्रमण की बेड़ियों से मुक्त कराया। आयुक्त के सख्त निर्देशों के बाद शुरू हुई इस व्यापक कार्रवाई ने शहर के बाजारों में हड़कंप मचा दिया, जहां निगम की टीम ने न केवल सड़कों को चौड़ा किया बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों पर कुंडली मारकर बैठे अतिक्रमणकारियों को कड़ा संदेश भी दिया।
अभियान की शुरुआत सुबह होते ही हो गई, जब नगर निगम का दस्ता लाव-लश्कर के साथ जयपुर की तंग गलियों और प्रमुख व्यापारिक मार्गों पर उतरा। इस कार्रवाई का दायरा इतना विस्तृत था कि करतार पूरा नाला से लेकर आमेर महल मार्ग तक हर जगह निगम की सक्रियता नजर आई। टीम ने 22 गोदाम, बजाज नगर, पत्रकार कॉलोनी और जेके लॉन अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में फुटपाथों को खाली कराया। परकोटे के भीतर की विरासत को सहेजने के लिए बड़ी चौपड़, चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, किशनपोल बाजार, चौड़ा रास्ता, रामगंज चौपड़ और त्रिपोलिया बाजार में सघन अभियान चलाया गया, जिससे पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को आवाजाही में बड़ी राहत मिली।
जैसे-जैसे दिन चढ़ा, कार्रवाई की तपिश सूरजपोल गेट, जोधपुर सिंह गेट, पुरानी आमेर रोड और रामगढ़ मोड़ तक पहुंच गई। जलमहल क्षेत्र और कांक घाटी के पास हुए अतिक्रमणों को मलबे में तब्दील कर दिया गया, जबकि आमेर महल मार्ग, कच्चा बंधा, दिल्ली बाइपास रोड, मावठा और जयसिंहपुरा खोर जैसे पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मार्गों को अवैध कब्जों से साफ किया गया। पुरानी चुंगी और हवामहल बाजार में भी कार्रवाई के दौरान स्थिति तनावपूर्ण रही, लेकिन भारी पुलिस बल और निगम अधिकारियों की मौजूदगी में दस्ता निरंतर आगे बढ़ता रहा।
इस महाभियान के दौरान सड़क पर अवैध रूप से खड़े ठेले, अस्थायी दुकानें, लकड़ी के तख्त और शहर की सुंदरता को बिगाड़ने वाले अवैध बैनर-फ्लैक्स को मौके से हटाया गया। प्रशासन ने इस दौरान कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए कुल 8 ट्रक अतिक्रमण सामग्री को जब्त किया, जिसे निगम के गोदामों में भेज दिया गया है। इतना ही नहीं, नियमों की अवहेलना करने वालों से मौके पर ही 20 हजार रुपए का केरिंग चार्ज वसूला गया, जो इस बात का प्रमाण है कि अब शहर की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगर निगम के उच्चाधिकारियों ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यह महज एक दिन की कवायद नहीं है, बल्कि यह अभियान अब निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जयपुर को एक सुव्यवस्थित, सुगम और स्वच्छ शहर के रूप में वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करना है। निगम ने आमजन से भी भावुक और वैधानिक अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थलों का सम्मान करें और शहर के सौंदर्य को बनाए रखने में सहभागी बनें। सोमवार की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि जयपुर की सड़कों पर अब अतिक्रमण की कोई जगह नहीं होगी।

