जयपुर में ‘BRICS Sustainable Lifestyle Week 2026’ के तीसरे दिन राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RSPCB) में ‘Save Water – जल संरक्षण’ थीम पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने जल संरक्षण की शपथ लेकर पानी के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चीफ इंजीनियर श्री प्रेमलाल थे। मंगलवार, 3 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री प्रेमलाल ने की। इस दौरान मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिशन LiFE के तहत जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री विष्णु दत्त पुरोहित ने कहा कि जल जीवन का आधार है और वर्तमान समय में इसका संरक्षण सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में शामिल है। जल संसाधनों पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पानी का महत्व समझना होगा और इसके जिम्मेदार एवं सीमित उपयोग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। दैनिक जीवन में पानी की बर्बादी रोकने और संरक्षण के छोटे-छोटे उपाय अपनाने से भी बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

श्री पुरोहित ने ‘Save Water’ विषय पर अपने विचार रखते हुए जल संरक्षण की आवश्यकता, उपलब्ध जल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और भविष्य की जल सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझते हुए व्यक्तिगत एवं संस्थागत स्तर पर जल बचत के उपाय अपनाना समय की मांग है।

इस अवसर पर असिस्टेंट चीफ एनवायरनमेंटल इंजीनियर (ACEE) श्री भुवनेश माथुर ने जल संरक्षण में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 (Water (Prevention and Control of Pollution) Act, 1974) के प्रावधानों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जल प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और जल की गुणवत्ता बनाए रखने में मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने, अपशिष्ट जल का उचित उपचार करने तथा पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करने के महत्व को भी रेखांकित किया।

सीनियर एनवायरमेंटल इंजीनियर (SEE) श्री विजय शर्मा ने ‘Save Water’ विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए जल संरक्षण के व्यावहारिक उपायों, पानी की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन, जल के पुनः उपयोग और दैनिक गतिविधियों में जल दक्षता अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि घरों, कार्यालयों और औद्योगिक इकाइयों में पानी के उपयोग को लेकर जागरूकता एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर जल संरक्षण के प्रयासों को प्रभावी बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मिशन LiFE के तहत जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। सभी ने पानी का अनावश्यक उपयोग नहीं करने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने, वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने और जल संरक्षण से जुड़े उपायों को दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर मंडल के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि जल संरक्षण और जल प्रदूषण की रोकथाम एक-दूसरे से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्थागत प्रयासों के साथ जनभागीदारी भी आवश्यक है।

उल्लेखनीय है कि 1 से 7 नवंबर तक आयोजित ‘BRICS Sustainable Lifestyle Week 2026’ के तहत प्रत्येक दिन एक विशेष पर्यावरणीय विषय निर्धारित किया गया है। इस सप्ताह का उद्देश्य मिशन LiFE के अनुरूप पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और व्यक्तिगत व्यवहार में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से सतत विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।

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