17 अगस्त को 11 सूत्रीय मांगों पर BMS का विशाल धरना, PM के नाम सौंपे जाएंगे ज्ञापन
17 अगस्त को BMS की 11 सूत्रीय मांगों पर देशव्यापी धरना होगा। जयपुर में रैली के बाद प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

तस्वीर में भारतीय मजदूर संघ राजस्थान के कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर बैठे पदाधिकारी नजर आ रहे हैं।
17 अगस्त 2026 को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर राजस्थान सहित पूरे देश में भारतीय मजदूर संघ (BMS) के आह्वान पर विशाल धरना एवं प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों, डाक, बीमा, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, संविदा कर्मचारियों, योजना कर्मियों तथा असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिक भाग लेंगे।
इसी कार्यक्रम को लेकर भारतीय मजदूर संघ की ओर से 14 अगस्त 2026 को भारतीय मजदूर संघ कार्यालय, पटेल कॉलोनी, सी-स्कीम में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। जयपुर में भारतीय मजदूर संघ जयपुर जिला की ओर से हजारों कार्यकर्ता रैली के रूप में राममंदिर, पुराना पावर हाउस, रेलवे स्टेशन से सुबह 11 बजे रवाना होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद रैली सभा में परिवर्तित होगी और इसके पश्चात जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
भारतीय मजदूर संघ की स्थापना 23 जुलाई 1955 को स्वर्गीय दत्तोपंत ठेंगड़ी के नेतृत्व में हुई थी। स्थापना के समय से ही संगठन ने "राष्ट्रहित, उद्योगहित एवं श्रमिकहित" के समन्वय को अपना मूल दर्शन बनाया है। भारतीय मजदूर संघ का मानना है कि राष्ट्र मजबूत होगा तो उद्योग मजबूत होंगे और उद्योग मजबूत होंगे तो श्रमिकों का जीवन भी समृद्ध होगा।
भारतीय मजदूर संघ संघर्ष की राजनीति नहीं, बल्कि "रिस्पॉन्सिव कोऑपरेशन (Responsive Cooperation)" यानी सकारात्मक सहयोग एवं आवश्यक होने पर संघर्ष की नीति पर कार्य करता है। संगठन सरकार, उद्योग और श्रमिकों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है। श्रमिक हितों की उपेक्षा होने पर भारतीय मजदूर संघ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से प्रभावी आंदोलन करता है।
17 अगस्त को आयोजित होने वाले विशाल धरने के माध्यम से भारतीय मजदूर संघ केंद्र सरकार के समक्ष 11 सूत्रीय मांगें रखेगा। इनमें राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन ₹30,000 प्रतिमाह निर्धारित करने, ESIC वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 करने और EPF वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग शामिल है।
संगठन ने न्यूनतम EPF पेंशन ₹7,500 प्रतिमाह करने एवं महंगाई राहत लागू करने, बोनस पात्रता वेतन सीमा ₹42,000 करने, योजना कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने तथा संविदा कर्मचारियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करने की मांग भी रखी है।
इसके अलावा श्रमिक विरोधी प्रावधानों को समाप्त करने, बैंक कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹40 लाख करने तथा बोनस गणना हेतु अधिकतम वेतन सीमा ₹18,000 करने की मांग की गई है।
भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बढ़ती महंगाई, अस्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा की सीमित उपलब्धता तथा वेतन संबंधी विसंगतियों के कारण श्रमिक वर्ग अनेक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। संगठन ने सरकार से श्रमिकों की न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई।
भारतीय मजदूर संघ ने सभी श्रमिकों, कर्मचारियों एवं श्रमिक हितैषी नागरिकों से 17 अगस्त को आयोजित विशाल धरने में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है, ताकि श्रमिक एकता का परिचय देने के साथ श्रमिक हितों की इस लोकतांत्रिक आवाज़ को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
