जयपुर, 22 जुलाई 2026। नई दिल्ली में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्ष के प्रदर्शन, प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के धरने, संसद की कार्यवाही बाधित करने और जंतर-मंतर पर हुई कथित पत्थरबाजी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जयपुर में प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की ओर विशाल पैदल मार्च निकाला गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक के नाम पर विपक्ष द्वारा चलाया गया आंदोलन छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि कांग्रेस का सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र था। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भर्ती घायलों की जानकारी लेने पर उनमें एक भी छात्र नहीं मिला। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पत्थरबाजी के लिए कश्मीर और बिहार से भाड़े के लोगों को बुलाया, ताकि संसद की कार्यवाही बाधित की जा सके।

मदन राठौड़ ने कहा कि आंदोलन के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद, अफजल के समर्थन में नारे और देश विरोधी नारे लगाए गए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के विरोध में भी बोला गया। ऐसे में पूरे घटनाक्रम का सच जनता के सामने लाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जयपुर में आयोजित विरोध प्रदर्शन कांग्रेस नेतृत्व को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का स्मरण कराने के लिए सांकेतिक रूप से आयोजित किया गया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संवाद और चर्चा के माध्यम से समाधान में विश्वास रखती है, जबकि कांग्रेस और विपक्ष छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक लाभ उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान, लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा अराजक राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देती रहेगी।

राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष द्वारा धरना देना भारतीय संसदीय परंपराओं के विपरीत है और लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान मीडिया की महिला कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार और अश्लीलता की गई, जिसकी भाजपा घोर निंदा करती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर इस प्रकार की अशोभनीय घटनाएं किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।

मदन राठौड़ ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर कहा कि इसके पीछे भी कारण है। उन्होंने कहा कि जब से धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री बने हैं, उन्होंने शिक्षा पद्धति में सुधार करने का काम किया है। देश के महान व्यक्तित्वों का सम्मान करने और महापुरुषों की जीवनी को पढ़ाने का कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले देश में अकबर महान पढ़ाया जाता था, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुषों तथा लोकनायकों को उचित स्थान देने का कार्य किया। उन्होंने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, तेजाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह और देवनारायण को पढ़ाने का काम किया है।

राठौड़ ने कहा कि विपक्ष को लगता है कि इससे शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन होगा और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पैदा होगा, इसलिए शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि विदेशों में धन एकत्रित किए जाने की जांच हो रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कहां से कितना पैसा मिला तथा पत्थरबाजों को कहां से लाया गया। उन्होंने कहा कि जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी संवाद और चर्चा के माध्यम से समाधान में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के लिए सरकार सदैव तैयार रही है, लेकिन विपक्ष ने संवाद के बजाय टकराव का रास्ता चुना। यह लोकतंत्र के प्रति उनकी असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है।

मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब 17 बार पेपर लीक हुआ और दो बार यूनिवर्सिटी के पेपर लीक हुए। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर जब 19 पेपर लीक हुए तो अशोक गहलोत ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया और उस समय के शिक्षा मंत्री डोटासरा ने त्यागपत्र क्यों नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अब किस मुंह से इस्तीफा मांग रहे हैं, इस पर उन्हें विचार करना चाहिए और अपनी गिरेबां में झांककर देखना चाहिए।

भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश कार्यालय में भाजपा संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने आमजन और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष राजनीति चमकाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का उल्लंघन कर रहा है।

विरोध प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी, भूपेंद्र सैनी, मिथिलेश गौतम, प्रदेश मंत्री नारायण मीणा, डॉ अजीत मांडण, डॉ अपूर्वा सिंह, एकता अग्रवाल, सीताराम पोसवाल, भाजपा कार्यालय सचिव मुकेश पारीक, विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, कैलाश वर्मा, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमावत, अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हमीद खान मेवाती सहित जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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