भाजपा किसान मोर्चा, राजस्थान ने केंद्र और राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति में सक्रिय भूमिका निभाने के उद्देश्य से नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना प्रस्तुत की है। इस कार्ययोजना के तहत राजस्थान के प्रत्येक जिले में एक गांव को कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर गाँव’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही मोर्चा की गतिविधियों को आमजन तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, आईटी और मीडिया सेल को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में गुरुवार को आयोजित बैठक में किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष श्री कैलाश चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रेवंत सिंह राजपुरोहित तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष प्रेम सिंह बनवासा ने सोशल मीडिया, आईटी और मीडिया सेल के संयोजकों एवं सह संयोजकों के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान कैलाश चौधरी ने विकसित भारत के निर्माण में कृषि और पशुपालन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा किसान मोर्चा का अंतिम लक्ष्य ‘समृद्ध किसान, विकसित किसान’ की संकल्पना को धरातल पर साकार करना है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय बदलाव का दौर है और केंद्र व राज्य सरकारें प्राकृतिक खेती के माध्यम से अन्नदाता तथा आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी दिशा में किसान मोर्चा प्रदेशभर के किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ संवाद के माध्यम भी बदल रहे हैं, इसलिए सोशल मीडिया और आईटी के जरिए व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से सरकारों की किसान हितैषी योजनाओं और मोर्चा की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सीधे उन किसानों तक पहुंचने का प्रयास होगा, जो गांवों में रहकर देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं।

कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान को आत्मनिर्भर बनाना और उसकी आय को दोगुना करना किसान मोर्चा का प्रमुख उद्देश्य है। इसी लक्ष्य को गति देने के लिए राजस्थान के प्रत्येक जिले में एक गांव को कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर गाँव’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये गांव पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वित मॉडल होंगे, जो पूरे जिले के किसानों के लिए प्रेरणा केंद्र का कार्य करेंगे।

उन्होंने बताया कि इन गांवों में किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि कम लागत में बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक फसल का उत्पादन हो सके। साथ ही गौ-आधारित कृषि को पुनर्जीवित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोपालन के माध्यम से दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गोबर और गोमूत्र से जीवामृत एवं जैविक खाद तैयार कर खेती की लागत को न्यूनतम स्तर तक लाने का प्रयास किया जाएगा।

कैलाश चौधरी ने कहा कि किसान फसल उत्पादन के बावजूद उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण आर्थिक नुकसान उठाता है। इसे देखते हुए आत्मनिर्भर गांवों में मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर लघु फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की योजना है, जिससे टमाटर से सॉस, सरसों से तेल और बाजरे से पौष्टिक उत्पाद तैयार कर किसान सीधे बाजार तक अपनी पहुंच बना सकें। उन्होंने कहा कि इन सभी मॉडल गांवों और विकास कार्यों का संचालन किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) तथा सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संगठन को सक्रिय बनाए रखने और किसानों के बीच संपर्क मजबूत करने के लिए आगामी 100 दिनों में व्यापक जन-जागरण और जन-कल्याण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान किसान मोर्चा के कार्यकर्ता राजस्थान के प्रत्येक गांव और ढाणी में किसान चौपाल आयोजित करेंगे, जहां किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, जिनमें पीएम-किसान, फसल बीमा और सॉयल हेल्थ कार्ड शामिल हैं, की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर विशेषज्ञों की ओर से प्राकृतिक खेती और गौ-आधारित कृषि पर विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। मोर्चा के पदाधिकारी सीधे खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और प्रशासन के सहयोग से उनके त्वरित समाधान का प्रयास करेंगे। इस 100 दिवसीय कार्ययोजना के माध्यम से भाजपा किसान मोर्चा ने कृषि, पशुपालन, प्राकृतिक खेती और किसान सशक्तिकरण को गांव स्तर तक पहुंचाने की व्यापक रणनीति तय की है।

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