जयपुर में कांग्रेस के धरने पर भाजपा का हमला, जोगाराम पटेल और जवाहर सिंह बेढम ने उठाए सवाल
कानूनी प्रक्रिया चलने के बावजूद जयपुर में प्रदर्शन करने को बीजेपी नेताओं ने नेतृत्व की होड़ और राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास बताया।

जयपुर पुलिस आयुक्तालय में कांग्रेस नेताओं के धरना-प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक स्वांग करार दिया है। विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मामले में दिल्ली में पहले ही परिवाद प्रस्तुत किया जा चुका है और दिल्ली पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है, तो जयपुर में धरना देने का औचित्य क्या है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस न्याय की मांग से अधिक राजनीतिक नेतृत्व की होड़ में जुटी है।
विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राहुल गांधी के इशारों पर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं में अपने नंबर बढ़ाने की होड़ लगी हुई है। इसी वजह से धरना-प्रदर्शन कर राजनीतिक स्वांग रचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बीच यह मामला न्याय की मांग से अधिक नेतृत्व की लड़ाई बन गया है।
पटेल ने कहा कि दिल्ली में पहले ही परिवाद प्रस्तुत किए जाने के बावजूद उसी घटनाक्रम को लेकर जयपुर पुलिस आयुक्तालय में धरना देना कांग्रेस की राजनीति की दिशा और मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार, राहुल गांधी के आदेश पर कांग्रेस नेता तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार कर तमाशा करने में जुटे हैं, जबकि दिल्ली पुलिस मामले में पहले से ही कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश और प्रदेश में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने का कुत्सित प्रयास कर रही है।
वहीं, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भी कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब शिकायत पहले ही दिल्ली पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है और जांच जारी है, तो जयपुर में उसी मामले को लेकर धरने का औचित्य क्या है और कांग्रेस इतनी बेचैन क्यों हो रही है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि जयपुर में धरना देकर आखिर किस बात का दबाव बनाया जा रहा है।
बेढम ने कहा कि कानून और जांच प्रक्रिया पर भरोसा करने के बजाय राजनीतिक प्रदर्शन का रास्ता चुनना कांग्रेस की दोहरी राजनीति को उजागर करता है। किसी भी आरोप की सच्चाई का फैसला धरने, नारेबाजी या राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर होता है।
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि कानून सबके लिए समान है। यदि आरोप लगाए गए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर विधि के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही किया जा सकता है। कांग्रेस नेताओं को जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई होने देनी चाहिए, न कि एक ही घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास करना चाहिए।
बेढम ने कहा कि कांग्रेस को समझना चाहिए कि आज की जनता समझदार है और वह धरने की राजनीति तथा न्याय की राजनीति के बीच अंतर समझती है। भाजपा नेताओं के इन बयानों के साथ जयपुर पुलिस आयुक्तालय में कांग्रेस के धरना-प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जबकि मामले में आरोपों की सच्चाई का निर्धारण जांच और साक्ष्यों के आधार पर होना है।

