राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बीकानेर को टीबी और नशा मुक्त बनाने के दिए निर्देश
राज्यपाल ने बीकानेर में टीबी उन्मूलन, नशामुक्ति और शत-प्रतिशत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

तस्वीर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बीकानेर में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए नजर आ रहे हैं.
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बीकानेर जिले को टीबी मुक्त और नशाखोरी से मुक्त बनाने के लिए सतत एवं समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शत-प्रतिशत बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया कि कोई बच्चा पढ़ाई बीच में न छोड़े। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में राज्यपाल ने इन प्राथमिकताओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्यपाल बागडे ने टीबी उन्मूलन के लिए प्रत्येक संभावित मरीज की बेहतर स्क्रीनिंग करने, प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा निर्धारित सहायता समय पर उपलब्ध करवाने तथा मरीजों के इलाज और देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान के पांच बिंदुओं की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही ग्राम पंचायतों की बैठकों और अन्य कार्यक्रमों में अभियान पर चर्चा करने तथा टीबी के कारणों और बचाव के उपायों की जानकारी साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लेकर उनकी नियमित और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया।
बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। राज्यपाल ने कहा कि सीमांत क्षेत्र होने के कारण बीकानेर जिले और आसपास के इलाकों में नशे से संबंधित प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखी जाए। नशे का सेवन करने वालों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को नशीली सामग्री का भंडारण, विक्रय या प्रोत्साहन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हथकढ़ शराब बनाने वालों पर भी कार्रवाई करने को कहा।
राज्यपाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी, ग्राम सेवक और अन्य स्थानीय सरकारी कर्मचारियों को सक्रिय रखते हुए विभागों के बीच आपसी समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान राज्यपाल बागडे ने जिले के सरकारी विद्यालयों में नामांकन और ड्रॉप आउट की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सरकारी विद्यालयों के सभी शिक्षकों के प्रबोधन के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। उनका निर्देश था कि प्रत्येक बच्चा शिक्षा से जुड़ा रहे और कोई भी पढ़ाई बीच में न छोड़े। उन्होंने शिक्षकों को कहानियों और अन्य रोचक माध्यमों से पढ़ाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया, जिससे बच्चों में सीखने के प्रति जिज्ञासा बढ़े।
राज्यपाल ने जिले में नीट परीक्षा को लेकर सरकारी और निजी विद्यालयों के आवेदन तथा सफलता की दर की जानकारी भी ली। बैठक में टीबी उन्मूलन, नशामुक्ति और बच्चों की शिक्षा से जुड़े विषयों पर दिए गए निर्देशों का केंद्र जिले में इन अभियानों की प्रभावी निगरानी, विभागीय समन्वय और लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना रहा।

