जयपुर से बड़ा ऐलान: डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने खींचा 'विकसित राजस्थान' का रोडमैप, लखपति दीदियों और ग्रामीण विकास पर बड़ा अपडेट
जयपुर में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में लखपति दीदी और राजीविका योजनाओं की प्रगति पर संतोष जताया। प्रदेश में 15.95 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनकर उभरी हैं। बैठक में मनरेगा, पीएम आवास और मगरा क्षेत्रीय विकास योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का बड़ा रोडमैप तैयार किया गया है।

जयपुर। राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी देने और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के संकल्प के साथ जयपुर के शासन सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक ने राज्य के भविष्य की एक ऐसी तस्वीर पेश की है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। डॉ. मीणा ने स्पष्ट शब्दों में अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं का लाभ न केवल समय पर मिले, बल्कि इसकी पहुँच प्रदेश के कोने-कोने तक सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के लिए राज्य सरकार पूरी तत्परता और पारदर्शिता के साथ मैदान में डटी हुई है।
इस समीक्षा बैठक का मुख्य आकर्षण 'लखपति दीदी योजना' की अभूतपूर्व सफलता रही, जिसने प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने गौरवान्वित होकर बताया कि प्रदेश में अब तक 15 लाख 95 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि 19 लाख 90 हजार महिलाओं को इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 3 लाख महिलाओं का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से एक लाख दीदियों को महज 1.5 प्रतिशत ब्याज दर पर 270 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। यह आंकड़े न केवल राजस्थान की नारी शक्ति के बढ़ते कदमों को दर्शाते हैं, बल्कि ग्रामीण स्वरोजगार की एक नई कहानी भी बयां कर रहे हैं।
बैठक के दौरान ग्रामीण बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन पर भी गहन मंथन हुआ। राजीविका योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों को सुदृढ़ करने और ऋण वितरण में आई तेजी की सराहना की गई। विशेषकर राजस्थान महिला निधि के माध्यम से 49,448 समूहों के 1.60 लाख से अधिक सदस्यों को 770.49 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। डॉ. मीणा ने अधिकारियों से कहा कि मगरा क्षेत्रीय विकास योजना और विशेष क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के जरिए सड़क, जल संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाए ताकि प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र मुख्यधारा से मजबूती से जुड़ सकें। मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि ग्रामीण आवासों का निर्माण त्वरित गति से पूरा कर जरूरतमंदों को पक्के मकान की सौगात दी जाए।
प्रशासनिक दक्षता और नवाचार के संगम के रूप में डॉ. मीणा ने वन विभाग के सहयोग से स्मृति वन में स्थापित होने वाले 'राजीविका कियोस्क' की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह दीपावली सुमंगल मेला और राष्ट्रीय राज सखी मेला-2025 ने सफलता के नए कीर्तिमान रचे हैं, जहाँ समूहों के उत्पादों की कुल बिक्री क्रमशः 1.37 करोड़ और 8.55 करोड़ रुपये रही। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीविका श्रीमती नेहा गिरि, आयुक्त मनरेगा श्रीमती पुष्पा सत्यानी और अतिरिक्त आयुक्त श्री जुगल किशोर मीणा सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे। वीबी जी राम जी के साथ विभिन्न विभागीय योजनाओं पर हुई यह चर्चा 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
