महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में गठित उच्च स्तरीय राष्ट्रीय समिति में भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी को सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया है। यह अवसर राजस्थान के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण माना जा रहा है, जहां राज्य की सक्रिय भागीदारी इस राष्ट्रीय आयोजन में सुनिश्चित हुई है।

यह समिति माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित की गई है, जिसका उद्देश्य देशभर में सामाजिक चेतना, शिक्षा, समानता और न्याय के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित करना है। 126 सदस्यों वाली इस समिति में ‘राजनेता’ श्रेणी से केवल दो व्यक्तियों को शामिल किया गया है, जिनमें भूपेंद्र सैनी का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह चयन उनके निरंतर जनसेवा, वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए प्रयासों और संगठनात्मक मजबूती का प्रमाण माना जा रहा है।

समिति में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उपस्थिति राज्य के संतुलित प्रतिनिधित्व को दर्शाती है। राष्ट्रीय स्तर पर पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और रामनाथ कोविंद, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा तथा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जैसे वरिष्ठ नाम शामिल हैं, जिससे समिति की प्रभावशीलता और व्यापकता स्पष्ट होती है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल से राजनाथ सिंह, अमित शाह, जे.पी. नड्डा, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद जोशी सहित कई वरिष्ठ नेता समिति का हिस्सा हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों के राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव, नायब सिंह सैनी और देवेंद्र फडणवीस की भागीदारी भी इसमें शामिल है।

समिति की विशेषता यह है कि इसमें राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ आध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों को भी स्थान दिया गया है। आध्यात्मिक क्षेत्र से बाबा रामदेव और सद्गुरु जग्गी वासुदेव, जबकि खेल जगत से पी.टी. ऊषा की भागीदारी इस आयोजन को सर्वसमावेशी स्वरूप प्रदान करती है।

राजस्थान से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अतिरिक्त केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, भूपेंद्र यादव और अर्जुनराम मेघवाल को भी समिति में शामिल किया गया है, जिससे प्रदेश की भूमिका और अधिक सशक्त हुई है।

संस्कृति मंत्रालय द्वारा राजपत्र में अधिसूचित यह राष्ट्रव्यापी आयोजन 11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2028 तक आयोजित किया जाएगा। इस अवधि में देशभर में विविध कार्यक्रम, संगोष्ठियाँ, सांस्कृतिक आयोजन और जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य महात्मा फुले के विचार—समानता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय—को जन-जन तक पहुंचाना है।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, मिथिलेश गौतम, कैलाश मेघवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश मंत्री नारायण मीणा तथा एसटी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष गोपीचंद मीणा सहित कई पदाधिकारियों ने भूपेंद्र सैनी को मिठाई खिलाकर और पुष्प भेंट कर शुभकामनाएं दीं। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भी इस उपलब्धि को सामूहिक गर्व का क्षण बताते हुए उत्साहपूर्वक बधाई दी।

भूपेंद्र सैनी ने अपने वक्तव्य में इसे केवल सम्मान नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि वे महात्मा ज्योतिबा फुले के आदर्शों पर चलते हुए कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य करेंगे।

यह मनोनयन इस तथ्य को स्थापित करता है कि समर्पण, सेवा और संगठन के प्रति निष्ठा के साथ राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान संभव है। राजस्थान के लिए यह उपलब्धि प्रेरणादायक है और आने वाले समय में प्रदेश की सामाजिक एवं राजनीतिक भूमिका को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau

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