भरतपुर/जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को भरतपुर में जिला स्तरीय अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि भरतपुर हमारी ऐतिहासिक विरासत है और यहाँ विकास तथा धरोहर संरक्षण के कार्य साथ-साथ किए जाने चाहिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ ही फील्ड विजिट बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि भीषण गर्मी के दृष्टिगत पेयजल, बिजली और चिकित्सा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाए ताकि आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकर व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाने के साथ ही, मुख्यमंत्री ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को विभागीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों में संवेदकों और ठेकेदारों पर पेनल्टी लगाने और धारा 91 के तहत रिपोर्ट भिजवाने के कड़े निर्देश दिए।

जिले में सुचारू एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रांसफार्मर के लोड फिक्सेशन और नए ट्रांसफार्मर लगाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्थाओं को पुख्ता करते हुए सीएचसी और पीएचसी में आवश्यक दवाइयों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने, गर्मी से बचाव के लिए जन जागरूकता बढ़ाने और फूड इंस्पेक्टरों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को बुनियादी सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी और कार्मिक पूरी टीम भावना के साथ कार्य करें।

भरतपुर की भौगोलिक स्थिति कटोरे के समान होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बरसात के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने पर बल दिया। उन्होंने जिला कलेक्टर को एक विशेष टीम गठित कर शहर की सड़कों पर जलभराव के कारणों का मुआयना करने और समाधान निकालने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने प्राचीन कुंडों के पुनरुद्धार और पौधारोपण के संबंध में विस्तृत निर्देश दिए। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले में एनीकट, नहरों और पोखरों का जीर्णोद्धार करने तथा कच्ची नहरों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में शहर में चल रहे गैस पाइपलाइन कार्य की प्रगति का फीडबैक लेते हुए इसे गति प्रदान करने और अन्य निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने भरतपुर सर्किट हाउस में जन सुनवाई की, जहाँ उन्होंने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जन समस्याओं के निराकरण में पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही बनाए रखने पर बल देते हुए कहा कि राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि जन सुनवाई के पश्चात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के अनुरूप मुख्यमंत्री ई-बस से जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। समीक्षा बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, विधायक डॉ. शैलेश सिंह, नौक्षम चौधरी, बहादुर सिंह कोली, एसीएस जल संसाधन अभय कुमार, भरतपुर प्रभारी सचिव आनंदी, संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया, आईजी कैलाश बिश्नोई, भरतपुर जिला कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी, डीग जिला कलेक्टर मयंक मनीष, बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया, भरतपुर एसपी राजेश मीणा, डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

Pratahkal Newsroom

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