प्रविष्टि तिथि: 22 FEB 2026 6:33PM by PIB Jaipur


प्रदर्शनी का उद्घाटन और मुख्य अतिथि

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के राष्ट्रीय अभिलेखागार द्वारा आयोजित प्रदर्शनी ‘भारत की विश्व विरासत: राजस्थान’ का उद्घाटन राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने आज जयपुर के जवाहर कला केंद्र में किया। इस अवसर पर श्री प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार भी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास का संबोधन

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री वी. श्रीनिवास ने कहा, "प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय अभिलेखागार ने अनेक नई ऊँचाइयों को प्राप्त किया है।" उन्होंने राजस्थान की गहराई को साझा करते हुए कहा:

  • "लगभग 30 से 35 विषयगत पोर्टल प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, राजस्थान के गौरवशाली इतिहास, शौर्य, उदारता और वीरता को दर्शाया गया है।"
  • "हर रेत का टीला, हर सुर, हर पत्थर अपनी एक अलग कहानी कहता है, जो इस भूमि की स्मृतियों, परंपराओं और स्मारकों में निहित गहन ऐतिहासिक चेतना को दर्शाता है।"
  • यह प्रदर्शनी अभिलेखीय शोध और जनसामान्य के बीच सेतु का कार्य करती है तथा विशेष रूप से युवाओं को इतिहास से जोड़ती है।

महानिदेशक का वक्तव्य और प्रदर्शनी का स्वरूप

राष्ट्रीय अभिलेखागार के महानिदेशक श्री संजय रस्तोगी ने कहा कि यह प्रदर्शनी मानवता की साझा धरोहर में राजस्थान के उत्कृष्ट योगदान को रेखांकित करती है।

  • इसमें विशेष रूप से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों तथा अन्य महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं स्थापत्य स्मारकों पर प्रकाश डाला गया है।
  • राष्ट्रीय अभिलेखागार में संरक्षित दुर्लभ दस्तावेजों, चयनित दृश्यों और व्याख्यात्मक विवरणों के माध्यम से आगंतुकों को क्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत का व्यापक परिचय प्रदान किया गया।

प्रमुख आकर्षण: दुर्ग, शहर और महान विभूतियाँ

प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण यूनेस्को द्वारा सूचीबद्ध राजस्थान के पहाड़ी दुर्ग—चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर और गागरोन—रहे, जो राजपूत शौर्य, सामरिक कौशल और स्थापत्य उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। इसके अतिरिक्त अन्य महत्वपूर्ण आकर्षण इस प्रकार थे:

  • जंतर मंतर तथा जयपुर का ऐतिहासिक नगर भी प्रदर्शनी में प्रमुखता से शामिल किए गए, जो भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों और सुविचारित शहरी नियोजन परंपरा को प्रतिबिंबित करते हैं।
  • रानी पद्मिनी, मीराबाई, महाराणा प्रताप और राणा कुम्भा जैसी ऐतिहासिक विभूतियों को अभिलेखीय दस्तावेजों एवं व्याख्यात्मक पैनलों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
  • ढूंढाड़, मारवाड़, मेवाड़, हाड़ौती सहित राजस्थान के विविध सांस्कृतिक अंचलों की समृद्ध परंपराओं को भी प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया गया।

युवाओं के लिए विशेष शैक्षणिक पहल

एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, राष्ट्रीय अभिलेखागार भारत ने पहली बार पोस्टर प्रस्तुति का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य देशभर के महाविद्यालयीन विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अकादमिक सहभागिता और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए प्रोत्साहित करना था। इस पहल को उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया प्राप्त हुई और इसने प्रदर्शनी में एक सशक्त शैक्षणिक आयाम जोड़ा।

Pratahkal Newsroom

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