मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर में 1902 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास
बेणेश्वर धाम के सर्वांगीण विकास हेतु डीपीआर तैयार, आदिवासियों के लिए 100 करोड़ का ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट और वन अधिकार पट्टों के लिए चलेगा विशेष अभियान।

डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा 1902 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए।
डूंगरपुर/जयपुर, 16 मार्च। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर डूंगरपुर के ऐतिहासिक बेणेश्वर धाम में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में इस विशेष दिन को आदिवासियों के लिए समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास यात्रा में जनजातीय समाज के योगदान को अतुलनीय बताया। इस अवसर पर उन्होंने बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर एवं सिरोही जिलों के लिए 1 हजार 902 करोड़ रुपये की लागत वाले 326 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी।
बेणेश्वर धाम का सर्वांगीण विकास और राजस्थान दिवस का महत्व
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि — "जनजातीय समाज अपनी समृद्ध परंपरा, विशिष्ट संस्कृति तथा प्रकृति के साथ गहरे संबंध के लिए प्रसिद्ध है। इस समाज ने ऐसे वीर सपूत दिए हैं, जिन्होंने आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। देश-प्रदेश का विकास इनकी सक्रिय भागीदारी से ही संभव हो सकेगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जनजातीय कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजस्थान दिवस की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 30 मार्च 1949 को भारतीय नववर्ष की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को रेवती नक्षत्र इंद्रयोग में वृहद् राजस्थान की स्थापना हुई थी। इसी कारण राज्य सरकार ने इस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी 19 मार्च के दिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ राजस्थान दिवस मनाने का निश्चय किया है। आदिवासी आस्था के सबसे बड़े केंद्र बेणेश्वर धाम के सौंदर्यीकरण हेतु डीपीआर तैयार की जा रही है।
जनजातीय हस्तशिल्प और भगवान बिरसा मुंडा का गौरव
हस्तशिल्प को जनजातीय स्वाभिमान की अभिव्यक्ति बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि — "हमारा हस्तशिल्प जनजातीय स्वाभिमान की अभिव्यक्ति है। पिथोरा चित्रकला, बांस की बुनाई, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की नक्काशी आदि सभी हमारी अनमोल सांस्कृतिक विरासत हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि इन सभी कलाओं को सम्मान मिले और कलाकारों को इनका उचित मूल्य मिले।" उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष को याद करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी 150वीं जयंती पर पूरे देश में जनजातीय गौरव वर्ष मनाया है। राज्य सरकार आदिवासी युवाओं को रोजगार और जनजातीय हस्तशिल्प कला के संरक्षण के लिए पूरी तरह संकल्पित है।
शिक्षा, कृषि और महिला सशक्तिकरण के लिए बड़े निर्णय
जनजातीय उत्थान के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि छात्रावासों में मैस भत्ता 2500 रुपये से बढ़ाकर 3250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। खेल अकादमियों के भत्ते में वृद्धि के साथ ही 10वीं व 12वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले और सीए व सीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले जनजातीय विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई है। प्रदेश में 244 नए मां-बाड़ी केंद्रों की स्थापना, किसानों को मुफ्त संकर मक्का बीज वितरण और 8 जिलों में 530 वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। एशियन लेक्रोस गेम्स और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले जनजातीय खिलाड़ियों की भी उन्होंने सराहना की।
वन अधिकार पट्टे और ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट की घोषणा
सशक्तिकरण की दिशा में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि — "वनों में निवास करने वाले जनजाति लोगों को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार के पट्टे दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन वन अधिकार पट्टों की राजस्व रिकॉर्ड में भी प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे इस भूमि पर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें और बैंकों से ऋण भी प्राप्त कर सकें।" इसके अतिरिक्त, बेणेश्वर धाम में संगम एवं अबूदरा घाटों के निर्माण और वर्ष पर्यन्त जल उपलब्धता हेतु बेणेश्वर एनिकट की रिमॉडलिंग की जाएगी। आदिवासी बाहुल्य जिलों के ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों जैसे त्रिपुर सुंदरी, मानगढ़ धाम, बेणेश्वर धाम, सीतामाता अभ्यारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर और मातृ कुण्डिया को जोड़कर 100 करोड़ रुपये की लागत से ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जाएगा।
लाभार्थियों से संवाद और गणमान्य जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री गरीब को केंद्र में रखकर विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी सम्मान योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सांकेतिक चैक व टेबलेट सौंपे, विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बालिकाओं को स्कूटी वितरित की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर के वाल्मीक मन्दिर एवं हरि मन्दिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री हेमन्त मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री श्री गौतम दक, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत, सांसद श्री चुन्नीलाल गरासिया, श्री सी.पी. जोशी सहित कई विधायक और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau
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