मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्व अर्जन से संबंधित विभागों की बैठक में स्पष्ट कहा कि राजस्व संग्रहण प्रदेश की उन्नति और जनकल्याण का आधार है तथा राजस्व चोरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व अर्जन से जुड़े सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय वर्ष की पहली से अंतिम तिमाही तक राजस्व संग्रहण में समान गति बनाए रखें। बैठक में बताया गया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में प्रदेश को 33 हजार 969 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में 11.54 प्रतिशत अधिक है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व चोरी के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, जिसका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर संग्रहण प्रणाली में सुधार के लिए तकनीकों एवं नवाचारों का उपयोग किया जाए और अधिकारी डिकॉय ऑपरेशन्स के माध्यम से टैक्स चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाएं। साथ ही, अन्य राज्यों की कर प्रणालियों का अध्ययन कर प्रदेश में बेस्ट प्रेक्टिसेज लागू की जाएं। उन्होंने कर प्रणाली में नवीन तकनीकों के समावेश पर जोर देते हुए कहा कि इससे राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति अधिक सरल और सुगम होगी। उन्होंने विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की प्रभावी पैरवी करने तथा जीएसटी रिटर्न फाइलिंग कम्पाइलेंस को सख्ती से लागू करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े आठ करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए विकसित और समृद्ध राजस्थान के निर्माण की सोच कार्य-संस्कृति का आधार बने तथा प्रत्येक विभाग टीम भावना के साथ कार्य करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करे।

मुख्यमंत्री ने आबकारी विभाग को अवैध शराब के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के परिवहन में जब्त वाहनों पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को पंजीयन प्रक्रिया में जियो टैगिंग का उपयोग करने तथा पंजीयन से जुड़े प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए खान एवं पेट्रोलियम विभाग को ई-रवन्ना प्रक्रिया में जीपीएस एवं सीसीटीवी आधारित तकनीक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि अवैध खनन पर सतत निगरानी रखी जा सके।

उन्होंने परिवहन विभाग को सख्ती से कार्य करने और अवैध वाहनों पर कड़ा शिकंजा कसने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए तथा विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही, वाहन बॉडी निर्माण करने वाले अपंजीकृत संस्थानों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्माण कार्यों पर देय सेस की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सेस संग्रहण को और सुदृढ़ बनाया जाए। इसके लिए प्रदेश में संचालित निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग की जाए तथा प्रत्येक माह सेस संग्रहण की समीक्षा की जाए। उन्होंने यूआईटी के माध्यम से नई आवासीय योजनाओं का प्लान शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए और कहा कि इन योजनाओं में पेयजल, सीवरेज, विद्युत, पार्क तथा पार्किंग सहित सभी मूलभूत एवं आधुनिक सुविधाओं का समुचित ध्यान रखा जाए, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुव्यवस्थित आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके। इसके अलावा, राजस्व विभाग को भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज़ चेंज) की प्रक्रिया में नीतिगत सुधार कर इसे अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में बताया गया कि सरकार फर्जी करदाताओं और रिपीट ऑफेंडर्स के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। राजस्थान फेसलैस स्क्रूटनी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है तथा जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में देश में तीसरे स्थान पर है। आबकारी विभाग द्वारा मुखबिर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, आईजी स्टाम्प द्वारा ई-पंजीयन प्रक्रिया तथा खान एवं पेट्रोलियम विभाग द्वारा खनन पर निगरानी के लिए जीपीएस आधारित तकनीकी नवाचारों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए राजस्व संग्रहण प्रणाली को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव राजस्व एवं उपनिवेशन टी. रविकान्त, प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau

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