मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंचायत चुनावों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ताओं से गांव-गांव तक जनसंपर्क बढ़ाने और विकास, सुशासन तथा जनसेवा के संकल्प के साथ जनता के बीच पहुंचने का आह्वान किया। रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को बांसवाड़ा में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए उन्होंने निकाय चुनावों में मिली जीत की ऊर्जा के साथ पंचायत चुनावों में जुटने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत चुनावों के माध्यम से ग्रामीण राजस्थान में सुशासन, विकास और अंत्योदय के संकल्प को और मजबूत करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आमजन की आकांक्षाओं को समझने और पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने वाली पार्टी नहीं है, बल्कि यह वर्षभर जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में साथ निभाने वाले कार्यकर्ताओं का संगठन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश को समृद्ध और सशक्त बनाने के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार राजस्थान के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि प्रदेश में भाजपा ने 204 निकायों में बोर्ड बनाकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। जयपुर सहित प्रदेश के 10 बड़े नगर निगमों में से 9 में भाजपा के महापौर बने हैं। बांसवाड़ा के 3 में से 2 निकायों में भाजपा का बोर्ड बना है, जबकि डूंगरपुर के दोनों निकायों में भाजपा ने जीत दर्ज की है।

मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास संकल्प पत्र-2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांवों को सुविधासंपन्न और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आगामी 5 वर्षों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में औसतन 5 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 19 हजार किलोमीटर मिसिंग-लिंक सड़कों के निर्माण पर 9 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। ग्रामीण परिवारों तक नियमित और शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना भी ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी।

ग्राम विकास संकल्प पत्र में युवाओं के लिए अटल ज्ञान केंद्र स्थापित करने, किसानों के लिए ग्राम सेवा सहकारी समिति उपलब्ध कराने, इंटरनेट सुविधा का विस्तार करने, पात्र परिवारों को पक्के आवास देने तथा नए पट्टे और स्वामित्व कार्ड जारी करने के लक्ष्य शामिल हैं। सामुदायिक स्थलों पर सोलर लाइट लगाने, आपातकालीन सेवा युक्त स्वास्थ्य केंद्र विकसित करने, खेल मैदान और ओपन जिम बनाने तथा जिला मुख्यालयों तक नियमित बस सेवाओं की व्यवस्था करने की भी योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प पत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत वार्षिक सहायता बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने और समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 2 हजार 700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने के प्रावधान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त राजस्थान एग्रीकल्चर एक्सीलेटर मिशन शुरू करने और 150 करोड़ रुपये का पेस्ट कंट्रोल फंड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में थ्री-फेज बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने, 20 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां स्थापित करने और पांच लाख अतिरिक्त पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने की भी योजना है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए 25 लाख महिलाओं को लखपति दीदी श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों को एक हजार करोड़ रुपये की सहायता देने और 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बैंक क्रेडिट लिंकेज उपलब्ध कराने की योजना भी संकल्प पत्र का हिस्सा है। इसके अलावा 25 हजार सोलर दीदियों का नया कैडर तैयार किया जाएगा। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सहायता राशि बढ़ाने, आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी के रूप में विकसित करने और पात्र महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बांसवाड़ा जिले में कराए जा रहे विकास कार्यों का विवरण देते हुए कहा कि पिछले पौने तीन वर्षों में जिले में 4 हजार 272 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। बांसवाड़ा सहित 11 शहरों में 275 करोड़ रुपये की लागत से नियमित पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। गढ़ी में 19.84 करोड़ रुपये के पेयजल कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। अजमेर-बांसवाड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाई जा रही है।

बांसवाड़ा और डूंगरपुर को जोड़ने के लिए बिलोदा में माही नदी पर 60 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण की निविदा आमंत्रित की गई है। इसके अतिरिक्त सड़कों के निर्माण, रिंग रोड की डीपीआर तैयार करने और तलवाड़ा हवाई पट्टी के विकास से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर जिले में पिछले पौने तीन वर्षों में 4 हजार 46 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। वमासा एवं पादरडी एनिकटों का निर्माण, सोम-कमला-अम्बा बांध से फीडर नहर के माध्यम से जल लाने की योजना, चौरासी क्षेत्र में सड़कों का निर्माण और डूंगरपुर कॉलेज के भवन का निर्माण ऐसे कार्य हैं, जिनसे क्षेत्र के विकास को गति मिल रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसूचित जनजाति बहुल 8 जिलों के 47 ब्लॉकों में जॉब कार्डधारी परिवारों को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 50 दिवस का रोजगार दिया जा रहा है। पीएम-जनमन योजना के तहत बारां जिले में पात्र परिवारों के 15 हजार 87 आवास पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 23 हजार 337 परिवारों को आवास की स्वीकृति जारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 767.38 करोड़ रुपये व्यय कर 4.36 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित किया गया है। वहीं, प्रदेश के आठ जिलों में 530 वनधन विकास केंद्रों के गठन से 1.53 लाख महिला सदस्यों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय अंचलों के विकास को नई गति मिली है और राज्य सरकार इन क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से निकाय चुनावों में प्रदर्शित समर्पण, अनुशासन और संगठनात्मक एकजुटता को पंचायत चुनावों में भी बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा कार्यकर्ता गांवों में विकास की अलख जगाते हुए जनता का विश्वास और मजबूत करेंगे। बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा सहित अन्य भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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