भजनलाल शर्मा ने विमुक्त और घुमंतू समाज के लिए कीं बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घुमंतू समाज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर बजट घोषणाओं, किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी और पशुपालकों के लिए योजनाओं की जानकारी दी।

जयपुर, 17 मई। राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास और सामाजिक उत्थान के लिए पूर्णतः संकल्पित भाव से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री निवास पर रविवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गडरिया, गाड़री, गायरी, धनगर, पाल और बघेल सहित विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सशक्त महिला, शिक्षित युवा, समृद्ध किसान और कुरीतिमुक्त समाज ही प्रदेश के समग्र विकास का मुख्य आधार है। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर की 301वीं जयंती पर आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय समारोह के पोस्टर का विमोचन भी किया और लोक कल्याणकारी योजनाओं तथा बजट घोषणाओं के माध्यम से सुशासन की संकल्पना को साकार करने की बात कही।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा समाज हित में की गई विभिन्न बजट घोषणाओं एवं कल्याणकारी प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज का अपना एक गौरवपूर्ण इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही है। उन्होंने इतिहास के पन्नों को रेखांकित करते हुए कहा कि खानवा के युद्ध में वीर सिंह बघेल ने राणा सांगा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मुगल आक्रांताओं के खिलाफ अदम्य साहस, शौर्य और स्वामीभक्ति का एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया था। ठीक उसी तरह गडरिया समाज भी पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर की गौरवशाली परंपराओं के प्रति पूरी श्रद्धावान होकर उन्हें निरंतर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होल्कर ने राष्ट्र को एक नई दिशा देने का महान कार्य किया था, इसलिए पूरे समाज को उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए।
युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और सामाजिक सुधारों पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने समाज के नौजवानों से विशेष आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को विरासत में मिली खेती और पशुपालन की पारंपरिक पद्धति को आगे बढ़ाते हुए इसमें उन्नत एवं आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए ताकि समाज में वास्तविक समृद्धि आ सके। उन्होंने कृषि में रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग करने तथा जैविक खाद का उपयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्धघुमंतू जनजाति समाज कृषि तथा पशुपालन के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और समाज द्वारा किए जा रहे शिक्षा व सामाजिक सुधार संबंधी कार्य अत्यंत सराहनीय हैं। समाज के युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर प्रशासनिक सेवाओं, राजनीति, सेना, पुलिस, शिक्षा, व्यापार, आईटी क्षेत्रों और सामाजिक सेवा में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की कड़ी मेहनत और संस्कारों को याद रखते हुए हर प्रकार के नशे से पूरी तरह दूर रहें, शिक्षा की ओर अपना रुझान बढ़ाएं और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें, जिसके लिए सरकार हर संभव मदद देने को तैयार है।
किसानों और पशुपालकों को मिलने वाले आर्थिक संबल का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दिया है। अन्नदाता की मेहनत का सम्मान करते हुए गेहूं की एमएसपी पर 150 रुपये का बोनस दिया जा रहा है, वहीं अब प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के समय ही बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है। पशुपालकों की सहायता के लिए निःशुल्क पशु चिकित्सा हेतु मोबाइल सेवा 1962 शुरू की गई है तथा राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना में उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत 50 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राज्य की गोशालाओं को 2 हजार 812 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुदान दिया गया है। पशुपालन को अतिरिक्त आय और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 2 हजार 185 नये दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति और दुग्ध संकलन केंद्र शुरू किए जा चुके हैं।
सरकार की वित्तीय योजनाओं का विवरण प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के तहत लगभग 5 लाख किसानों को 1 हजार 383 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है, जबकि सरस मायरा योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादक सदस्यों की बेटी की शादी में 21 हजार रुपये नकद दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिसमें अब तक 94 हजार गोपालक परिवारों को 709 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत करीब 9 लाख पशुपालकों के 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण किया जा चुका है। इस भव्य कार्यक्रम में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजाति महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दुष्यंत कुमार बघेल सहित बहुत बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार की इन कल्याणकारी नीतियों का पुरजोर स्वागत किया।

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