विद्यालय विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के विकास के केंद्र: भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने राजापार्क स्थित आदर्श विद्या मंदिर में बहुउद्देशीय सभागार का लोकार्पण किया और शिक्षा सुदृढ़ीकरण एवं युवा रोजगार लक्ष्यों पर सरकार की प्राथमिकता बताई।

जयपुर, 01 अप्रैल। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों में संस्कार के बीज बोते हैं। शिक्षक विद्यार्थी के जीवन में विद्या दान देकर उन्हें मजबूत बनातें हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि आदर्श विद्या मंदिर संस्थान केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि समाज में निस्वार्थ सेवा, सहयोग और करुणा की भावना का विस्तार कर रही है। बच्चों में शिक्षा के साथ यह विद्यालय नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों पर बल देता है। मुख्यमंत्री बुधवार को आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय, राजापार्क में बहुउद्देशीय सभागार के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए तत्परता से कार्य कर रही है। हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की अवधारणा पर कार्य करते हुए अंतिम पंक्ति पर बैठे व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य कर रहे हैं।
आदर्श विद्या मंदिर का समाज को संदेश और नवीन सभागार का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने नवीन सभागार के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति, शिक्षकों और भामाशाहों को बधाई देते हुए कहा कि "यह सभागार उन हजारों सपनों की नींव पर खड़ा हुआ है, जो इस विद्यालय के शिक्षकों, अभिभावकों और दानदाताओं ने मिलकर बुने हैं।" उन्होंने इन ज्ञान केन्द्रों के विकास में सभी लोगों से अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। श्री शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों में करुणा का भाव विकसित करना विद्यालयों का दायित्व है, जिससे उनमें वसुधैव कुटुम्बकम की भावना फलीभूत हो। उन्होंने कहा कि जिस देश के बच्चे अपनी विरासत को जानते हैं, उस देश के विकास को कोई भी नहीं रोक सकता। आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम करते हैं। साथ ही, शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश यहां से निकलकर पूरे समाज में फैला है। यह विद्यालय भविष्य की पीढ़ियों को अध्यात्म और भारतीय ज्ञान की धरोहर से परिचित कराते हैं, जो हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्षों में संजोई है।
युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी देश का सबसे बड़ा धन उसकी युवा पीढ़ी होती है। युवा शक्ति राष्ट्र की दशा और दिशा बदल सकती है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जो हमारी सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व को गढते हैं और विद्यार्थी जब आगे बढ़ते हैं, तो उनके हर कदम में गुरु का आशीर्वाद होता है। वे युवाओं में शिक्षा के साथ ही संस्कार और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। जब एक शिक्षित युवा समाज में जाता है, तो वह केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य उज्जवल करता है।
हर बच्चे तक शिक्षा की पहुँच और सरकार की प्रतिबद्धता
श्री शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि "जब तक कोई भी बच्चा चाहे शहर में हो या गांव में, शिक्षा की रोशनी से वंचित है, तब तक विकास की बात अधूरी है।" इसी सोच के साथ राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सभी तक सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि युवाओं के लिए सरकार नई युवा नीति लाई है, जिससे उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके। सरकार की मंशा है कि युवा रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ रोजगार प्रदाता भी बनें।
पेपर लीक पर लगाम और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि "गत सरकार के समय पेपरलीक जैसे प्रकरणों से युवाओं के सपने चूर-चूर हो गए थे, लेकिन हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।" हमारी सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और युवाओं को 4 लाख सरकारी क्षेत्र में एवं 6 लाख निजी क्षेत्र में रोजगार देने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। अब तक 1 लाख 25 हजार नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, 1 लाख 33 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है तथा 1 लाख से ज्यादा पदों का भर्ती कैलेण्डर भी जारी किया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री का संबोधन एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चन्द बैरवा ने कहा कि "शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान अर्जन ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं मूल्यों का विकास करते हैं।" शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति का समग्र विकास होता है। विद्या भारती द्वारा शुरू किए गए आदर्श विद्या मन्दिर विद्यालय विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ संस्कार भी विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अवधारणा के अनुसार हम सभी को राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभानी चाहिए। इससे पहले श्री शर्मा ने फीता खोलकर सभागार का लोकार्पण किया तथा पट्टिका का अनावरण भी किया। उन्होंने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं तथा भवन निर्माण में सहयोग देने वाले भामाशाहों का सम्मान किया। इस अवसर पर विधायक श्री गोपाल शर्मा, श्री बालमुकुंदाचार्य, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्रीय संघ चालक डॉ. रमेश अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रचारक श्री निम्बाराम सहित आदर्श विद्या मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारी, अध्यापक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau
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