बालोतरा/जयपुर, 24 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि "राजनीति हो या कोई अन्य कार्य हो, धर्म आवश्यक है, धर्म के अभाव में कोई भी कार्य ठीक से नहीं हो सकता। धर्म परायण होने पर ही सिद्धियां प्राप्त होती हैं और उसी से ही उत्कृष्ट समाज एवं राष्ट्र की स्थापना हो सकती है।" उन्होंने कहा कि सनातन परम्परा हमें धर्म पर चलते हुए सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। राजस्थान की धरा शौर्य, आस्था और भक्ति की त्रिवेणी है, जहां साधु-संतों के आशीर्वाद से सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण हो रहा है।

श्री ललिता महायज्ञ पूर्णाहुति एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह

मुख्यमंत्री श्री शर्मा मंगलवार को बालोतरा के कनाना श्रीमठ में आयोजित श्री ललिता महायज्ञ की पूर्णाहुति एवं मां सरस्वती मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने के साथ ही आने वाली पीढ़ी को विरासत से जोड़ते हैं। मुख्यमंत्री ने बालोतरा के धार्मिक महत्व को बताते हुए कहा कि यहां के तीर्थ स्थल हमारी गौरवशाली संस्कृति के सजग प्रहरी हैं और कनाना मठ की पवित्र भूमि अलौकिक ऊर्जा का संचार करती है।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में ऐतिहासिक परिवर्तन

मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक परिदृश्य में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। उन्होंने उल्लेख किया कि अयोध्या में प्रभु श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल महालोक के अलौकिक निर्माण सहित प्रसाद योजना के माध्यम से देशभर के प्रमुख तीर्थस्थलों के आधारभूत ढांचे और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

आस्था की सेवा और प्रदेश के तीर्थ स्थलों का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि "आस्था की सेवा सबसे बड़ी जनसेवा है, इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में भी हमारी सरकार तीर्थ स्थलों के विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दे रही है।" उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत बुजुर्गों को निःशुल्क तीर्थ दर्शन करवाए जा रहे हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री विकसित ग्राम एवं वार्ड योजना के तहत धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सनातन के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं और इसी के तहत राजस्थान दिवस को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाने की परंपरा शुरू की गई है।

मठ की परंपरा और वैश्विक शांति का संदेश

कार्यक्रम के दौरान कनाना मठ के महंत श्री परशुराम गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री का अभिवादन करते हुए कहा कि "उनके नेतृत्व में जनकल्याण के सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन अखण्ड भारत और सनातन संस्कृति की पहचान हैं। "जहां कई देश युद्ध की ओर अग्रसर हैं, वहीं हम भारतीय समस्त विश्व की शांति के लिए कार्य कर रहे हैं।" इससे पहले श्री शर्मा ने पिछले एक वर्ष से चल रहे श्री ललिता महायज्ञ में पूर्णाहुति दी और देशभर से आए प्रमुख संत-महंतों का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। वहीं, महंत परशुराम गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री को श्री यंत्र भेंट कर अभिनंदन किया।

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री के.के. विश्नोई, विधायक श्री हमीर सिंह भायल, महंत प्रतापपुरी, श्री आदूराम मेघवाल, श्री अरुण चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रमुख महंत, साधु-संत और आमजन मौजूद रहे।

Pratahkal Bureau

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